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अर्हम् जीवन : युवा मन के लिए आंतरिक शक्ति का मार्ग

maharashtra jain warta • Maharashtra Jain Warta, MJW - Social News, MJW Daily News(Post Slider), News, Other, People, Social • December 5, 2025
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पुणे : आज के तंत्रज्ञान और स्पर्धात्मक युग में जीवन के उतार–चढ़ाव के कारण हर क्षेत्र में तनाव बढ़ता जा रहा है। परीक्षा का भय, आर्थिक तंगी, भविष्य की चिंताएँ, शारीरिक अस्वस्थता, उलझे हुए रिश्ते, पारिवारिक तनाव और ज़िम्मेदारियों का दबाव-इन सभी परिस्थितियों से आज का युवा मानसिक रूप से थका हुआ नज़र आता है।

जहाँ मन बिखरा हुआ हो, विचार अनियंत्रित हों और भावनाएँ उलझी हुई हों, वहाँ हर युवा के मन में अपने कर्त्तव्य और भविष्य को लेकर प्रश्नचिह्न खड़े हो जाते हैं। हर पल वह बदलाव की, सर्वांगीण विकास की और आशा की ऐसी किरण की तलाश में रहता है, जो उसे सफलता, संतुष्टि और खुशी प्रदान कर सके।

सच यह है कि हम बाहरी दुनिया में कैसा व्यवहार करते हैं, यह हमारी आंतरिक दुनिया द्वारा तय होता है। यदि भीतर नकारात्मकता भरी हो तो व्यवहार भी नकारात्मक होगा, और यदि भीतर सकारात्मकता का स्रोत प्रवाहित हो रहा हो तो विचार तथा कर्म दोनों ही सामंजस्यपूर्ण और उत्साहवर्धक होंगे।

भय, चिंता और भावनात्मक तनाव सीधे-सीधे व्यक्ति के व्यावहारिक जीवन को प्रभावित करते हैं। यदि आप आसमान में ऊँची उड़ान भरना चाहते हैं, तो पंखों की ताकत के साथ साहस भी ज़रूरी है। व्यक्ति अक्सर अपनी केशरचना, वस्त्र या तौर-तरीकों में बदलाव करके व्यक्तित्व को नया रूप देने की कोशिश करता है, परंतु यह परिवर्तन केवल बाहरी और क्षणिक होता है।

वास्तविक और स्थायी परिवर्तन तो आंतरिक होता है-जो विचारों, भावनाओं और व्यवहार को पूर्णतः बदल देता है। इसलिए आज के समय में आंतरिक परिवर्तन नितांत आवश्यक है। इसी आंतरिक-बाह्य परिवर्तन का एक सुनहरा अवसर है-अर्हम् जीवन – सर्वोत्तम जीवन जीने की कला”।

अर्हम् विज्जा प्रणेता श्री प. पु. प्रवीणऋषिजी म. सा. 5 जनवरी से इस विशेष पाठ्यक्रम की शुरुआत करेंगे। इस 21 दिवसीय यात्रा में जीवन बदलने वाले सूत्र, मन को नियंत्रित करने की सरल तकनीकें तथा तुरंत प्रभाव देने वाले व्यावहारिक प्रयोग कराए जाएंगे।

यह केवल एक कार्यक्रम नहीं है-यह एक ऐसा अनुभव है जो विचार, व्यवहार और पूरे जीवन को सकारात्मक रूप से बदल देता है। मात्र 21 दिनों में अपनी आंतरिक दुनिया को अधिक शक्तिशाली और प्रकाशमय बनाने की यह अद्भुत कला सीखी जा सकती है।

गुरुदेव श्री प. पु. प्रवीणऋषिजी म. सा. के मार्गदर्शन में आयोजित “अर्हम् लिविंग” कार्यक्रम 18 से 40 वर्ष आयु के सभी जातियों और धर्मों के इच्छुक भाई-बहनों के लिए खुला है। इच्छुक व्यक्ति नीचे दिए गए नंबर पर संपर्क कर अपना नाम तुरंत पंजीकृत करा सकते हैं।

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