आवृत्ती पुणे
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परिवर्तन चातुर्मास 2025 का शुभारंभ

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पुणे : पुण्यभूमि पुणे में आज गुरु पूर्णिमा के पावन अवसर पर उपाध्याय प.पू. श्री प्रवीणऋषिजी म.सा. (आदि ठाणा-2), प.पू. श्री आदर्शज्योतिजी म.सा. (आदि ठाणा-3), तथा प.पू. श्री सुनंदाजी म.सा. (आदि ठाणा-6) के सान्निध्य में परिवर्तन चातुर्मास 2025 का आधिकारिक प्रथम दिन श्रद्धा, भक्ति और गुरु-वंदना के साथ मनाया गया।

आज के दिन का महत्व और भी बढ़ गया क्योंकि यह दिन गुरु पूर्णिमा जैसा पावन पर्व भी था एक ऐसा अवसर जब शिष्य अपने जीवन में गुरु के स्थान और योगदान के प्रति कृतज्ञता व्यक्त करता है।
गुरु पूर्णिमा के अवसर पर प.पू. म.सा. ने गुरु के महत्व और शिष्य के कर्तव्य पर गहन विचार प्रकट किए।

प.पू. उपाध्याय प्रवीणऋषिजी म.सा. ने कहा, “गुरु वह दीप है जो अंधकार में मार्ग दिखाता है, और शिष्य वह पात्र है जो उस प्रकाश को अपने जीवन में उतारता है। शिष्यत्व तभी सार्थक होता है जब वह गुरु की वाणी को जीवन में उतारकर परिवर्तन करे।”

चातुर्मास के इन चार महीनों में अनेक आध्यात्मिक आयोजन होंगे। प्रथम दिन से ही पुणे जैन समाज की हजारों की संख्या में उपस्थिति ने यह सिद्ध कर दिया कि यह चातुर्मास पुणे के लिए धर्म, साधना और सेवा का एक नया अध्याय रचने वाला है।

इस चातुर्मास के प्रत्येक कार्यक्रम से जुड़ने की अपील आदिनाथ जैन संघ के अध्यक्ष अनिल नहार, चातुर्मास समिति के अध्यक्ष सुनील नहार, तथा स्वागत समिति के अध्यक्ष राजश्री पारख ने की है।

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