आवृत्ती पुणे
← Back to Homepage

परिवर्तन चातुर्मास 2025 : सिद्धी तप आराधकों का सन्मान

Spread the love

पुणे : उपाध्याय प्रवर श्री प्रवीणऋषिजी म. सा. (आदि ठाणा-2), दक्षिणज्योति प. पू. श्री आदर्शज्योतिजी म. सा. (आदि ठाणा-3) तथा जिनशासन गौरव प. पू. श्री सुनंदाजी म. सा. (आदि ठाणा-6) सहित सभी संतों के पावन सानिध्य एवं मंगल आशीर्वाद में परिवर्तन चातुर्मास 2025 के अंतर्गत सिद्धी तप आराधकों का भव्य सन्मान आयोजन सम्पन्न हुआ।

जैन धर्म में तप का विशेष महत्व माना गया है। तप के द्वारा आत्मा की शुद्धि होती है तथा आध्यात्मिक उन्नति का मार्ग प्रशस्त होता है। इसी कड़ी में पुणे के साधर्मी भाई-बहनों ने सिद्धी तप की महान आराधना कर धर्म की साधना को सार्थक बनाया। आदिनाथ जैन श्रावक संघ एवं परिवर्तन चातुर्मास 2025 कमिटी की ओर से इन सभी तप आराधकों का हार्दिक सन्मान कर उनका उत्साहवर्धन किया गया।

get_footer();