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हजारों श्रद्धालुओं की मौजूदगी में सम्पन्न हुआ संवसरी महापर्व

maharashtra jain warta • Maharashtra Jain Warta, MJW - Social News, MJW Daily News(Post Slider), News, News Slider, Social • August 28, 2025
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पुणे : परम पूज्य उपाध्याय प्रवर श्री प्रवीण ऋषीजी म.सा. (आदि ठाणा-2), दक्षिणज्योति प.पू. श्री आदर्शज्योतिजी म.सा. (आदि ठाणा-3) तथा जिनशासन गौरव प.पू. श्री सुनंदाजी म.सा. (आदि ठाणा-6) सहित सभी संतों के पावन सान्निध्य और मंगल आशीर्वाद में जैन समाज का पावन संवसरी महापर्व इस वर्ष अत्यंत भव्यता और श्रद्धा के साथ सम्पन्न हुआ।

इस अवसर पर पुणे व आसपास के क्षेत्रों से हजारों श्रद्धालु बड़ी संख्या में एकत्रित हुए। उपाध्याय प्रवीण ऋषीजी की साक्षी में आयोजित इस पर्व पर सभी ने आत्मावलोकन करते हुए परस्पर क्षमा याचना की और “मिच्छामी दुक्कड़म्” कहकर एक-दूसरे के प्रति मैत्री और सौहार्द का भाव प्रकट किया।

पूरे आयोजन के दौरान वातावरण में आध्यात्मिक ऊर्जा और आत्मिक शांति का अद्भुत संगम देखने को मिला। श्रद्धालुओं ने इस पर्व को आत्मशुद्धि, अहिंसा और क्षमा की संस्कृति का सजीव प्रतीक बताते हुए इसे जीवन में अपनाने का संकल्प लिया।

इस अवसर पर परिवर्तन चातुर्मास 2025 हेतु दान देने वाले प्रमुख परिवारों प्रमोद रांका परिवार, सुनील पारख परिवार, सुनील नहार परिवार, राजकुमार चोरडिया परिवार एवं रवींद्र सांकला परिवार का परिवर्तन चातुर्मास 2025 कमेटी और आदिनाथ जैन श्रावक संघ की ओर से विशेष सम्मान किया गया।

“यह पर्व केवल परंपरा नहीं बल्कि आत्मिक शांति और सौहार्द का अमूल्य संदेश है। दानदाताओं के योगदान से समाज में नई ऊर्जा का संचार हुआ है।” – अनिल नहार, अध्यक्ष, आदिनाथ संघ

“संवसरी महापर्व हमें आत्मशुद्धि और क्षमाभाव के मार्ग पर चलने की प्रेरणा देता है। समाज की एकता और दानशक्ति ही इस ऐतिहासिक चातुर्मास की सबसे बड़ी ताकत है।” – सुनील नहार, अध्यक्ष, चातुर्मास समिति

“संवसरी महापर्व में हजारों श्रद्धालुओं की सहभागिता देखकर मन प्रसन्न हुआ। यह पर्व क्षमा और मैत्री की संस्कृति को जन-जन तक पहुँचाने का माध्यम है।” – राजश्री पारख, अध्यक्ष, स्वागत समिति

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