शरीर नश्वर, आत्मा शाश्वत : प. पू. प्रवीणऋषिजी म. सा.
महाराष्ट्र जैन वार्ता पुणे : मैं सभी बंधनों से मुक्त हो सकता हूँ। मैं सिद्ध हो सकता हूँ। मैं परमात्मा हो सकता हूँ। क्या आपके मन में यह विश्वास है कि प्रत्येक समस्या का समाधान निकल सकता है? दुनिया के सभी तत्व हम स्वीकार कर लेते हैं, लेकिन मोक्ष है – यह हम स्वीकार नहीं … Read more