मन को मुक्त और हल्का करें : प. पु. प्रवीणऋषिजी म. सा.
महाराष्ट्र जैन वार्ता पुणे : अपने मन का बोझ कम करना आवश्यक होता है। यदि मन को हल्का करना है, तो उसमें नई-नई चीज़ें भरने के बजाय, उसमें संचित बातों को एक-एक करके खाली करना चाहिए। तभी मन को मुक्त और हल्का किया जा सकता है, ऐसा प्रतिपादन प. पु. प्रवीणऋषिजी म. सा. ने किया। … Read more