आवृत्ती पुणे

मानसिकता बदलो, भविष्य बदलेगा : प. पू. प्रवीणऋषिजी म. सा.

महाराष्ट्र जैन वार्ता पुणे : जीवन में हमारा दृष्टिकोण और मानसिकता अत्यंत महत्वपूर्ण होती है। जैसी हमारी विचारधारा होगी, वैसा ही हमारा व्यक्तित्व और जीवन आकार लेता है। इसलिए अपना दृष्टिकोण, विचारधारा और मानसिकता सकारात्मक दिशा में बदलना बहुत आवश्यक है, ऐसा प्रतिपादन प. पू. प्रवीणऋषिजी म. सा. ने किया। उन्होंने कहा कि बाहरी वातावरण … Read more

दानशूर उद्योगपती प्रकाश धारिवाल यांचा सन्मान

महाराष्ट्र जैन वार्ता पुणे : पारस फाउंडेशनच्या वतीने दानवीर उद्योगपती प्रकाश धारिवाल यांचा सन्मान करण्यात आला. यावेळी फाउंडेशनचे गौतम गुगळे, महावीर लोढा, महेंद्र दुगड, कमलेश कोठारी, रोहन चंगेडे, विशाल सोनिग्रा व महाराष्ट्र जैन वार्ता चे संपादक अभिजीत डुंगरवाल उपस्थित होते.

दया का अर्थ है जीवन को कल्याणकारी बनाने की कला : प. पू. प्रवीणऋषिजी म. सा.

महाराष्ट्र जैन वार्ता पुणे : बोध प्राप्त ज्ञान से निर्मित जीवन करुणामय होता है। उसी करुणा से धर्म का निर्माण होता है। करुणा ही दया है। दया ही प्रेम है और दया ही धर्म है। दया का अर्थ है जीवन को कल्याणकारी बनाने की कला। यह जीवन जीने की कला हमें प्राप्त हो, इसके लिए … Read more

सामूहिक क्षमापना का भव्य आयोजन सम्पन्न

जीतो पुणे की पहल पर हजारों जैन बंधु हुए सहभागी महाराष्ट्र जैन वार्ता पुणे : वर्धमान सांस्कृतिक केंद्र में इस वर्ष जीतो पुणे द्वारा आयोजित सामूहिक क्षमापना का दिव्य और भव्य आयोजन सम्पन्न हुआ। चतुर्विध संघ की पावन उपस्थिती में हजारों जैन बंधु एकत्रित होकर क्षमायाचना की भावना से सरोबार हुए। कार्यक्रम का मंगल सानिध्य … Read more

जीवन में देव, गुरु और धर्म अग्रक्रम पर होने चाहिए : प. पू. प्रवीणऋषिजी म. सा.

महाराष्ट्र जैन वार्ता पुणे : देव, गुरु और धर्म हमारे जीवन में अग्रक्रम पर होने चाहिए। यह वास्तव में हमारे जीवन में हैं या नहीं, इसका आत्मपरीक्षण हर किसी को करना चाहिए और उन्हें ही अग्रक्रम पर लाने के लिए निरंतर प्रयत्नशील रहना चाहिए, ऐसा प्रतिपादन प. पू. प्रवीणऋषिजी म. सा. ने किया। प. पू. … Read more

जैन धर्म का वैश्विक रूप जग के सामने आना चाहिए : प. पू. प्रवीणऋषिजी म. सा.

महाराष्ट्र जैन वार्ता पुणे : नई पीढ़ी अब केवल परंपराओं से बंधकर रहने के बजाय धर्म को जानने और समझने के लिए तैयार हो गई है। इसलिए जैन धर्म का एक वैश्विक रूप जग के सामने आना आवश्यक है, ऐसा प्रतिपादन प. पु. प्रवीणऋषिजी म. सा. ने किया। उन्होंने कहा कि जैसे मुस्लिम, ईसाई और … Read more

पुणे में 31 अगस्त को मानवता का महाकुंभ

गौतमनिधि कलश की दिव्यता : उपाध्याय प्रवर प. पू. प्रवीणऋषिजी म.सा. के सान्निध्य में होगा आयोजन महाराष्ट्र जैन वार्ता पुणे : गौतमलब्धि फाउंडेशन द्वारा आयोजित “मानवता का महाकुंभ – द्वितीय” का भव्य आयोजन रविवार, 31 अगस्त 2025 को प्रातः 9:00 बजे से वर्धमान सांस्कृतिक भवन, गंगाधाम रोड, पुणे में संपन्न होगा। यह दिव्य आयोजन प. … Read more

कर्म और धर्म का अंतर समझें : प. पू. प्रवीणऋषिजी म. सा.

महाराष्ट्र जैन वार्ता पुणे : सबसे पहले कर्म और धर्म के बीच का अंतर समझना आवश्यक है। व्रत, उपवास, दान आदि पुण्य कर्म का एक मार्ग है, लेकिन धर्म उससे भी आगे है। पुण्य केवल धर्म तक ले जाने वाली राह है। धर्म का मूल तत्त्व अलग ही है और उसे पहचानना चाहिए, ऐसा प्रतिपादन … Read more