जीवन में देव, गुरु और धर्म अग्रक्रम पर होने चाहिए : प. पू. प्रवीणऋषिजी म. सा.
महाराष्ट्र जैन वार्ता पुणे : देव, गुरु और धर्म हमारे जीवन में अग्रक्रम पर होने चाहिए। यह वास्तव में हमारे जीवन में हैं या नहीं, इसका आत्मपरीक्षण हर किसी को करना चाहिए और उन्हें ही अग्रक्रम पर लाने के लिए निरंतर प्रयत्नशील रहना चाहिए, ऐसा प्रतिपादन प. पू. प्रवीणऋषिजी म. सा. ने किया। प. पू. … Read more