आवृत्ती पुणे

कृतज्ञता समारोह का आयोजन, परिवर्तन चातुर्मास २०२५

महाराष्ट्र जैन वार्ता पुणे: परिवर्तन चातुर्मास २०२५ के सफल समापन के उपलक्ष्य में उपाध्याय प.पू. प्रवीणऋषिजी म.सा., दक्षिण ज्योति प. पू. आदर्शज्योतिजी म.सा. तथा जिनशासन गौरव प. पू. सुनंदाजी म.सा. की मंगलमय सानिध्य में एक भव्य कृतज्ञता समारोह आयोजित किया जा रहा है। यह समारोह रविवार, २ नवम्बर २०२५, सुबह ८:३० बजे स्थान वर्धमान सांस्कृतिक … Read more

एच.एन.डी. जैन बोर्डिंग जमीन प्रकरणात ऐतिहासिक विजय

धर्मदाय आयुक्तांचा निर्णायक आदेश : विक्री रद्द, मालमत्ता पुन्हा ट्रस्टकडे महाराष्ट्र जैन वार्ता पुणे: पुण्यातील सेठ हीराचंद नेमचंद स्मारक ट्रस्ट (एच.एन.डी. जैन बोर्डिंग) या ऐतिहासिक जैन संस्थेच्या भूमी विक्री प्रकरणात अखेर न्याय मिळाला आहे. महाराष्ट्र राज्याचे धर्मदाय आयुक्त अमोघ कलोति यांनी आज (३० ऑक्टोबर २०२५) दिलेल्या निर्णायक आदेशाद्वारे ४ एप्रिल २०२५ रोजी दिलेला विक्री मंजुरी … Read more

खरा धर्म अखंड प्रवाही : प. पू. प्रवीणऋषिजी म. सा.

महाराष्ट्र जैन वार्ता पुणे : उन्होंने कहा कि वास्तव में धर्म हमेशा अखंड बहते पानी के समान होता है। धर्म निरंतर होना चाहिए। उसे अपनी सुविधा या समय के अनुसार करने का कोई उपयोग नहीं। धर्म को अपनी प्रत्येक क्रिया और आचरण से व्यक्त होना चाहिए। प. पु. प्रवीण ऋषिजी म. सा. ने कहा – … Read more

बहन-भाई का रिश्ता दुनिया में सबसे सुंदर : प. पू. प्रवीणऋषिजी म. सा.

महाराष्ट्र जैन वार्ता पुणे : तलवार से युद्ध जीता नहीं जा सकता, ताकत कलाई में होनी चाहिए। कलाई की ताकत को बनाए रखने और बढ़ाने का काम अगर कोई करता है तो वह बहन करती है। बहन-भाई का रिश्ता दुनिया का सबसे सुंदर रिश्ता है, ऐसा प्रतिपादन प. पू. प्रवीणऋषिजी म. सा. ने किया। परिवर्तन … Read more

उचित आहार से विचारों में स्वस्थता : प. पू. प्रवीणऋषिजी म. सा.

महाराष्ट्र जैन वार्ता पुणे : उचित आहार के कारण विचार भी स्वस्थ बन सकते हैं। कई बार हमें अनेक बीमारियों का सामना करना पड़ता है। तब दवाइयाँ, डॉक्टर, अस्पताल जैसी चिकित्सा शुरू करनी पड़ती है। लेकिन यदि हम अपने भीतर थोड़ा सा बदलाव करके अपने भोजन की पद्धति में परिवर्तन करें, तो भविष्य में बीमारियों … Read more

जीवन समृद्धि के लिए ज्ञान का मार्ग खोलें : प. पू. प्रवीणऋषिजी म. सा.

महाराष्ट्र जैन वार्ता पुणे : संवाद आपको देवत्व की ओर ले जा सकता है, जबकि वाद-विवाद आपको दानव भी बना सकता है। संवाद के माध्यम से भक्ति का संबंध जुड़ता है, जबकि वाद-विवाद से विरोध और तिरस्कार का रिश्ता बनता है। इसलिए, स्वयं को पहचानकर अपने भीतर मौजूद अज्ञान को स्वीकार करते हुए हमें स्वयं … Read more

रक्षाबंधन के पावन अवसर पर विशेष कार्यक्रम का आयोजन

महाराष्ट्र जैन वार्ता पुणे : परिवर्तन चातुर्मास 2025 के अंतर्गत श्री आदिनाथ स्थानकवासी जैन भवन ट्रस्ट, पुणे और उपाध्याय श्री प्रवीणऋषिजी चातुर्मास समिति 2025 द्वारा रक्षाबंधन का पावन कार्यक्रम आयोजित किया गया है। यह कार्यक्रम शनिवार, 9 अगस्त 2025 को सुबह 9 बजे आयोजित किया जाएगा। इस कार्यक्रम की विशेषता यह है कि इसे प. … Read more

पहले सोचें, फिर बोलें : प. पू. प्रवीणऋषिजी म. सा.

महाराष्ट्र जैन वार्ता पुणे : हम जो शब्द बोलते हैं, वे किसी का भविष्य उज्ज्वल बना सकते हैं या उसके जीवन में अंधकार भी ला सकते हैं, इसलिए बोलने से पहले विचार करना आवश्यक है। शब्द किसी शस्त्र के समान होते हैं। इनसे किसी का जीवन संवारा जा सकता है, तो किसी का जीवन बिगाड़ा … Read more

अपना ध्यान शुद्ध और निर्मल रखें : प. पू. प्रवीणऋषिजी म. सा.

महाराष्ट्र जैन वार्ता पुणे : हमारे चलने का जो आधार है, वह ध्यान शुद्ध और निर्मल होना चाहिए। अपने भीतर विचारों की स्पष्टता और दूरदृष्टि होनी चाहिए, ताकि यह भान बना रहे कि हम अंधकार में चल रहे हैं या प्रकाश में। ऐसा वक्तव्य परिवर्तन चातुर्मास २०२५ के अंतर्गत आयोजित प्रवचन माला में प. पू. … Read more