स्मृतियों के बंधन तोड़ना सीखें : प. पू. प्रवीणऋषिजी म. सा.
महाराष्ट्र जैन वार्ता पुणे : जीवन-यात्रा में अनेक अनुभवों से अनेक स्मृतियाँ बनती हैं। इनमें से कुछ स्मृतियाँ अच्छी होती हैं और कुछ दुखदायी। प्रायः हम इन्हीं दुखद स्मृतियों को अपने साथ बाँधकर रखते हैं और उनमें ही उलझे रहते हैं। ऐसे मोह की ओर खींच ले जाने वाले स्मृतियों के बंधन को तोड़ना आना … Read more