शस्त्रों के घाव भर जाते हैं , शब्दों के घाव दिन-ब-दिन बढ़ते हैं
पं. राजरक्षितविजयजी का श्री आगम मंदिर कात्रज जैनतीर्थ मे व्याख्यान महाराष्ट्र जैन वार्ता पुणे : जीवन में शांति, समाधि, सुख पाने के लिए सबसे पहले जीभ को शांत करना होगा, विचारों को शांत करना होगा। क्योंकि शस्त्रों के घाव मलम से भरते हैं परंतु शब्दों के घाव दिन-ब-दिन बढ़ते हैं। यदि बोलना ही हो तो … Read more