सस्ते प्लॉट के लालच में आकर नुकसान न कराएं
कानून और फायदे दोनों पर पैनी नजर रखना जरूरी : संतोष ग्रुप के डायरेक्टर संतोष जैन
महाराष्ट्र जैन वार्ता
पुणे : अक्सर व्यापारियों, उद्यमियों और निवेशकों को शहर के बाहर या उपनगरों में कम कीमत पर जमीन खरीदने के आकर्षक ऑफर मिलते रहते हैं। कई बार ऐसे सौदों को जल्द से जल्द पूरा करने के लिए उन पर अप्रत्यक्ष दबाव भी बनाया जाता है।
कम कीमत में जमीन का कोई टुकड़ा या प्लॉट मिलना स्वाभाविक रूप से आकर्षक लगता है, क्योंकि भविष्य में उससे अच्छा मुनाफा मिलने की संभावना होती है।
लेकिन यही लालच कई बार बड़े आर्थिक नुकसान का कारण भी बन सकता है। इसलिए संतोष ग्रुप के डायरेक्टर संतोष जैन ने सलाह दी है कि सस्ते प्लॉट के लालच में आकर कोई भी निर्णय जल्दबाजी में नहीं लेना चाहिए।
उनका कहना है कि जमीन का आकार छोटा हो या बड़ा, उसे खरीदते समय ‘कायदे और फायदे’ यानी कानून और लाभ, दोनों पर समान रूप से ध्यान देना आवश्यक है।
पुणे के उद्योग जगत में पिछले लगभग 40 वर्षों से ‘संतोष स्टील्स’ और ‘संतोष ग्रुप’ एक विश्वसनीय संस्था के रूप में अपनी पहचान बनाए हुए हैं।
साथ ही, उन्हें भूमि विकास और प्लॉटिंग क्षेत्र में 15 वर्षों से अधिक का अनुभव है। इसी अनुभव के आधार पर संतोष जैन ने जमीन खरीदने से संबंधित कुछ महत्वपूर्ण और उपयोगी सुझाव साझा किए हैं।
उन्होंने कहा कि किसी प्लॉट का सस्ते में मिलना पहली नजर में फायदेमंद लग सकता है और मानव स्वभाव के अनुसार ऐसा सोचना गलत भी नहीं है।
हालांकि, जमीन केवल कागजों पर दर्ज आंकड़ों का खेल नहीं होती, बल्कि यह हमारी खून-पसीने की कमाई से किया गया एक महत्वपूर्ण निवेश होता है।
इसलिए इस निवेश की पूरी तरह जांच-पड़ताल और सुरक्षा सुनिश्चित करना जरूरी है। साथ ही यह भी ध्यान रखना चाहिए कि भविष्य में इससे बेहतर लाभ प्राप्त हो सके।
उन्होंने कहा कि यदि कोई प्लॉट सामान्य बाजार मूल्य से काफी कम कीमत पर मिल रहा हो, तो उसके पीछे का कारण अवश्य जानना चाहिए।
यह भी जांच करनी चाहिए कि कहीं उसमें कोई छिपे हुए शुल्क (हिडन चार्जेस) तो शामिल नहीं हैं। जमीन बेचने वाले व्यक्ति की विश्वसनीयता की जांच करना भी आवश्यक है।
यह सुनिश्चित करें कि जमीन वास्तव में उसी के स्वामित्व में है या नहीं, उसने वह जमीन किससे खरीदी थी, उस पर किसी प्रकार का कर्ज, सरकारी बकाया या अन्य कानूनी विवाद तो नहीं है।
इन सभी बातों की पूरी जानकारी प्राप्त करने के बाद ही कोई निर्णय लेना चाहिए। साथ ही जमीन के प्रकार, उसके उपयोग और संबंधित नियमों को ध्यान में रखते हुए ही प्लॉट खरीदना चाहिए।
इसके लिए किसी अनुभवी वकील या कानूनी सलाहकार की सहायता लेना लाभदायक रहता है। जमीन या कृषि भूमि खरीदने से पहले वहां पानी, सड़क, बिजली और अन्य बुनियादी सुविधाओं के विकास पर होने वाले संभावित खर्च का भी आकलन करना चाहिए।
जमीन खरीदते-बेचते समय सावधानी बेहद जरूरी – जिस जमीन को आप खरीदना चाहते हैं, उसके सभी कानूनी दस्तावेज व्यवस्थित, अद्यतन और स्पष्ट होना अत्यंत आवश्यक है। यदि सौदा करने से पहले इन दस्तावेजों की पूरी जांच कर ली जाए, तो भविष्य में होने वाले नुकसान से बचा जा सकता है। ऐसी जांच-पड़ताल में कभी-कभी थोड़ा समय लग सकता है, लेकिन बड़े आर्थिक नुकसान से बचने के लिए यह देरी भी लाभदायक साबित होती है। जमीन खरीदने के बाद या उसे बेचते समय किसी प्रकार की अनावश्यक परेशानी का सामना न करना पड़े, इसके लिए शुरू से ही पूरी सावधानी बरतना बेहद आवश्यक है। – संतोष जैन, संतोष ग्रुप
