आनंद चोरडिया को मिला प्रतिष्ठित “Service Above Self” अवॉर्ड
विश्व पर्यावरण दिवस पर डॉ. मेधा कुलकर्णी ने किया सम्मानित
महाराष्ट्र जैन वार्ता
पुणे : पर्यावरण संरक्षण और सतत विकास के क्षेत्र में उल्लेखनीय योगदान देने वाले आनंद चोरडिया को विश्व पर्यावरण दिवस के अवसर पर Rotary District 3131 द्वारा प्रतिष्ठित “Service Above Self” Award से सम्मानित किया गया।
यह सम्मान उन्हें डॉ. मेधा कुलकर्णी, सांसद एवं संसदीय स्थायी समिति (विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी, पर्यावरण, वन एवं जलवायु परिवर्तन) की अध्यक्ष, के हाथों प्रदान किया गया।
आनंद चोरडिया, The Eco Factory Foundation (TEFF) के संस्थापक तथा Suhana में डायरेक्टर – टेक्नोलॉजी एंड इनोवेशन के रूप में कार्यरत हैं।
वे पिछले कई वर्षों से सस्टेनेबिलिटी, क्लाइमेट एक्शन, सर्कुलर इकोनॉमी और समुदाय-आधारित पर्यावरणीय अभियानों के माध्यम से समाज में सकारात्मक बदलाव लाने का कार्य कर रहे हैं।
यह सम्मान उनकी पर्यावरणीय नेतृत्व यात्रा का एक महत्वपूर्ण पड़ाव माना जा रहा है। इससे पूर्व भी उन्हें राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर अनेक सम्मान प्राप्त हो चुके हैं।
TEFF के माध्यम से आनंद चोरडिया ने कई अभिनव और प्रभावशाली पहलें शुरू की हैं। संस्था ने भारत का पहला वेस्ट मैनेजमेंट पार्क स्थापित किया है तथा प्रतिवर्ष 3,000 मीट्रिक टन से अधिक कचरे का वैज्ञानिक एवं सतत प्रबंधन सुनिश्चित किया है।
इसके अलावा, ‘वृक्षदान अभियान’ के तहत 4 लाख से अधिक देशी पौधों का वितरण तथा 1 लाख से अधिक वृक्षों का रोपण किया गया है।
संस्था ने 300 एकड़ से अधिक भूमि को प्राकृतिक खेती आधारित इकोसिस्टम में परिवर्तित करने का कार्य भी किया है। वहीं, ‘शाश्वत भारत कृषि रथ’ अभियान के माध्यम से 58 हजार से अधिक किसानों को टिकाऊ कृषि पद्धतियों का प्रशिक्षण दिया गया है।
‘शाश्वत भारत सेतु – विनिंग नेट ज़ीरो’ पहल के जरिए चार राज्यों के ढाई लाख से अधिक नागरिकों तक पर्यावरण और सस्टेनेबिलिटी का संदेश पहुंचाया गया है।
इसके साथ ही ‘शाश्वत आयुष अवेयरनेस ड्राइव’ के माध्यम से निवारक स्वास्थ्य, पारंपरिक जीवनशैली और सतत जीवन मूल्यों को बढ़ावा दिया जा रहा है।
संस्था ने 30 से अधिक ईको-प्रेन्योर्स को मार्गदर्शन एवं सहयोग प्रदान कर हरित उद्यमिता को भी प्रोत्साहित किया है। पर्यावरण संरक्षण और समाजहित में किए जा रहे इन प्रयासों के लिए आनंद चोरडिया को मिला यह सम्मान न केवल उनकी व्यक्तिगत उपलब्धि है, बल्कि पर्यावरण के प्रति समर्पित हजारों स्वयंसेवकों और सहयोगियों के कार्यों की भी सराहना है।
