पुणे में प्रथम “अणुव्रत वाटिका” का लोकार्पण संपन्न
महाराष्ट्र जैन वार्ता
पुणे : अणुव्रत समिति, पुणे द्वारा अणुव्रत विश्व भारती सोसायटी (ANUVIBHA) के प्रकल्प “अणुव्रत वाटिका” के अंतर्गत तेरापंथ भवन परिसर में पुणे की प्रथम अणुव्रत वाटिका का भव्य लोकार्पण समारोह आयोजित किया गया। यह वाटिका अणुव्रत के आदर्शों, नैतिक मूल्यों एवं पर्यावरण संरक्षण के प्रति समाज को प्रेरित करने वाला एक महत्वपूर्ण एवं अभिनव प्रयास है।
कार्यक्रम का शुभारंभ नमस्कार महामंत्र एवं अणुव्रत गीत से हुआ। इसके पश्चात अणुव्रत आचार संहिता का वाचन किया गया।
अणुव्रत समिति, पुणे के अध्यक्ष रोशन चोरडिया ने स्वागत उद्बोधन देते हुए उपस्थित सभी अतिथियों एवं सदस्यों का स्वागत किया तथा अणुव्रत वाटिका की संकल्पना, उद्देश्य एवं महत्व पर प्रकाश डाला।
उन्होंने कहा कि तेरापंथ भवन परिसर में स्थापित यह वाटिका आने वाली पीढ़ियों को अणुव्रत, सदाचार, नैतिकता तथा पर्यावरण संरक्षण के प्रति प्रेरित करेगी।
रोशन चोरडिया ने इस पुण्य परियोजना के लिए तेरापंथ भवन परिसर उपलब्ध कराने हेतु श्री भिक्षु मेमोरियल फाउंडेशन, पुणे के प्रति आभार व्यक्त करते हुए उनका अभिनंदन किया।
उन्होंने भविष्य में पुणे के विभिन्न क्षेत्रों में भी ऐसी अणुव्रत वाटिकाओं की स्थापना का संकल्प व्यक्त किया तथा सभी संस्थाओं एवं समाजजनों से इस अभियान से जुड़ने का आह्वान किया।
प्रथम अणुव्रत वाटिका का लोकार्पण श्री भिक्षु मेमोरियल फाउंडेशन, पुणे के अध्यक्ष सुरेन्द्र कोठारी एवं तेरापंथ सभा, पुणे के अध्यक्ष राजेश पारख के करकमलों द्वारा संपन्न हुआ।
समारोह में राष्ट्रीय टीम सदस्य एवं महाराष्ट्र राज्य प्रभारी (खानदेश) पुष्पा कटारिया, जीवन विज्ञान क्षेत्रीय संगठन (शेष महाराष्ट्र) के प्रभारी धर्मेन्द्र चोरडिया, तथा पुणे TPF, TYP एवं TMM के पदाधिकारीगण सहित अनेक गणमान्य व्यक्तियों एवं समाजजनों की गरिमामयी उपस्थिति रही।
अणुव्रत वाटिका परियोजना के संयोजक दिलीप चोपड़ा एवं सह-संयोजक किशोर गेलडा के विशेष योगदान की सभी ने मुक्तकंठ से सराहना की।
कार्यक्रम का सफल संचालन तथा अंत में आभार प्रदर्शन अणुव्रत समिति, पुणे के सचिव पंकज सामदरिया द्वारा किया गया।
यह अणुव्रत वाटिका पुणे में नैतिकता, सदाचार, संयम, पर्यावरण संरक्षण एवं अणुव्रत आंदोलन के मूल्यों के प्रचार-प्रसार का एक प्रेरणादायी केंद्र बनेगी तथा समाज में सकारात्मक परिवर्तन का सशक्त माध्यम सिद्ध होगी।
