नन्हे कदमों से रचा बड़ा इतिहास…
पुणे की फियोना भंसाली बनीं नेशनल बैले चैंपियन
महाराष्ट्र जैन वार्ता
पुणे : कहते हैं कि अगर हौसले बड़े हों, तो उम्र कभी रास्ते की बाधा नहीं बनती। पुणे की नन्ही बैले डांसर फियोना भंसाली ने इसे सच साबित कर दिखाया है। चेन्नई में आयोजित प्रतिष्ठित ‘CSTD COMDANCE – Born to Perform India’ राष्ट्रीय प्रतियोगिता में फियोना ने अंडर-9 सोलो बैले वर्ग में प्रथम स्थान हासिल कर नेशनल बैले चैंपियन बनने का गौरव प्राप्त किया है।
पुणे की ब्लेस डांस स्टूडियो अकैडमी ऑफ बैले से प्रशिक्षण ले रही फियोना ने प्रतियोगिता में अपनी शानदार प्रस्तुति से सभी का ध्यान आकर्षित किया।
देशभर से आए प्रतिभागियों के बीच उन्होंने आत्मविश्वास और बेहतरीन तालमेल के साथ ऐसा प्रदर्शन किया कि निर्णायकों ने उन्हें प्रथम स्थान के लिए चुना।
जैसे ही विजेता के रूप में फियोना का नाम घोषित हुआ, वह पल उनके परिवार के लिए खुशी और गर्व से भर देने वाला बन गया।
इस सफलता के पीछे फियोना की लगातार मेहनत और घंटों की प्रैक्टिस छिपी है।
छोटी उम्र में ही उन्होंने अपने डांस के प्रति जिस लगन और अनुशासन का परिचय दिया, उसी का परिणाम आज इस बड़ी उपलब्धि के रूप में सामने आया है।
पढ़ाई के साथ-साथ नियमित अभ्यास करते हुए फियोना ने अपने सपने को साकार करने की दिशा में लगातार कदम बढ़ाए और आखिरकार राष्ट्रीय स्तर पर अपनी प्रतिभा का लोहा मनवाया।
फियोना की इस उपलब्धि से उनकी माता एकता भंसाली, पिता अल्पेश भंसाली तथा दादाजी अनिल भंसाली सहित पूरे परिवार में खुशी का माहौल है।
परिवार ने हर कदम पर उनका उत्साह बढ़ाया और उनके सपनों को पूरा करने में पूरा सहयोग दिया। आज बेटी की इस कामयाबी पर परिवार के साथ-साथ रिश्तेदार, मित्र और शुभचिंतक भी गर्व महसूस कर रहे हैं।
फियोना की यह सफलता सिर्फ एक ट्रॉफी तक सीमित नहीं है, बल्कि यह उन सभी बच्चों के लिए प्रेरणा है, जो अपने सपनों को पूरा करने के लिए मेहनत कर रहे हैं।
छोटी उम्र में हासिल की गई यह बड़ी कामयाबी इस बात का उदाहरण है कि अगर परिवार का साथ और खुद पर विश्वास हो, तो कोई भी मंजिल दूर नहीं होती।
चेन्नई से आई इस खुशखबरी ने पुणे के कला और सांस्कृतिक जगत में भी खुशी की लहर दौड़ा दी है। हर कोई इस नन्ही प्रतिभा की सराहना कर रहा है और आने वाले समय में उससे अंतरराष्ट्रीय मंच पर भी इसी तरह की नई उपलब्धियों की उम्मीद कर रहा है। फियोना भंसाली की यह जीत सचमुच पुणे के लिए गर्व और खुशी का एक खास पल बन गई है।
