पूर्व नगरसेविका सुषमाजी बाफना के सागरी संथारा व्रत की पूर्णाहुति
महाराष्ट्र जैन वार्ता
अहिल्यानगर : घोडनदी की पूर्व नगरसेविका एवं समाजसेविका श्रीमती सुषमाजी कांतीलालजी बाफना (81) के सागरी संथारा व्रत की पूर्णाहुति रविवार रात्रि 10 बजे श्रद्धापूर्वक संपन्न हुई। इस अवसर पर परिवारजनों, समाजबंधुओं एवं श्रद्धालुओं की उपस्थिति में धार्मिक वातावरण बना रहा।
अहिल्यानगर जिले के घोडनदी निवासी एवं पूर्व नगरसेविका श्रीमती सुषमाजी कांतीलालजी बाफना (81) ने रविवार, 2 अगस्त 2026 को जैन परंपरा के अनुसार सागरी संथारा व्रत ग्रहण किया।
प्रातः उपाध्याय प्रवर प. पू. श्री प्रविण ऋषीजी म. सा. के मुखारविंद से उन्होंने उपवास के पच्चखाण ग्रहण किए। इसके पश्चात सायं 6 बजे प. पू. आभाश्रीजी म. सा. के मुखारविंद से पूर्ण सजग अवस्था में सागरी संथारा व्रत के पच्चखाण ग्रहण किए।
रविवार रात्रि लगभग 10 बजे उनके सागरी संथारा व्रत की पूर्णाहुति शांतिपूर्ण एवं धार्मिक वातावरण में संपन्न हुई। इस अवसर पर परिजनों एवं समाज के अनेक श्रद्धालुओं ने उन्हें भावभीनी श्रद्धांजलि अर्पित की।
सुनील बाफना, संजय बाफना एवं मनीषा विनय बोरा की माताजी थीं। उनके धार्मिक जीवन एवं समाजसेवा को समाज में विशेष सम्मान की दृष्टि से देखा जाता रहा है।
श्रीमती सुषमाजी बाफना की अंतिम शोभायात्रा सोमवार, 3 अगस्त 2026 को प्रातः 11 बजे यशवंत कॉलोनी, घोडनदी स्थित निवासस्थान से प्रारंभ होकर पांजरापोल, जोशीवाड़ी तक जाएगी।
