आवृत्ती , पुणे
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वडगांवशेरी जैन श्रावक संघ का अनूठा संकल्प

maharashtra jain warta • Maharashtra Jain Warta • July 31, 2026
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पुणे : वडगांवशेरी जैन श्रावक संघ ने चातुर्मास के पावन अवसर पर धर्म साधना को पर्यावरण संरक्षण से जोड़ते हुए एक अभिनव एवं प्रेरणादायी पहल की है। संघ ने संकल्प लिया है कि चातुर्मास के दौरान किए जाने वाले प्रत्येक तप के अनुरूप वृक्षारोपण किया जाएगा। इस अनूठे अभियान का उद्देश्य तपस्या के साथ प्रकृति की सेवा का संदेश जन-जन तक पहुंचाना है।

इस संकल्प के तहत एकासन करने पर एक पौधा, आयंबिल तप करने पर दो पौधे तथा उपवास करने पर तीन पौधे लगाए जाएंगे। पूरे चातुर्मास में होने वाले सभी तपों के आधार पर वृक्षारोपण किया जाएगा।

यह पहल आध्यात्मिक साधना को पर्यावरण संरक्षण से जोड़ने का एक सराहनीय प्रयास है, जो समाज में हरित चेतना का संदेश प्रसारित करेगी।

वर्तमान में प. पू. किरणप्रभाजी म. सा. की सुशिष्या प. पू. प्रीतिदर्शनाजी म. सा. एवं प. पू. प्रशमदर्शनाजी म. सा. आदि ठाणा 6 का चातुर्मास वडगांवशेरी में श्रद्धा, भक्ति और उत्साहपूर्ण वातावरण में संपन्न हो रहा है।

संत भगवंतों की प्रेरणा से प्रारंभ किया गया यह अभियान समाज में पर्यावरण के प्रति जागरूकता बढ़ाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।

इस अभियान का शुभारंभ संघ के अध्यक्ष राजमल छोरिया, ट्रस्टी प्रफुल्ल कोठारी, गौतम बुरड़, महावीर नहार, महामंत्री आशीष बोरा, अजित छाजेड, युवा अध्यक्ष ललित बुरड़, राजेंद्र पगारिया, विकास कर्नावट, सतीश दुगड, नेमीचंद लुनावत, प्रशांत ब्रम्हेचा तथा संघ के अन्य पदाधिकारियों एवं सदस्यों की गरिमामयी उपस्थिति में हुआ।

संघ का संदेश है कि “तप भी करें, वृक्ष भी लगाएं और धर्म के साथ प्रकृति की भी सेवा करें।” यह प्रेरणादायी पहल न केवल जैन समाज, बल्कि संपूर्ण समाज के लिए पर्यावरण संरक्षण की दिशा में एक अनुकरणीय उदाहरण बनकर उभरेगी।