राष्ट्रीय स्तर पर पुणे का गौरव
ऑल इंडिया श्वेतांबर स्थानकवासी जैन कॉन्फ्रेंस के विश्वस्त मंडल में विलास राठोड की नियुक्ति
महाराष्ट्र जैन वार्ता
पुणे : श्री ऑल इंडिया श्वेतांबर स्थानकवासी जैन कॉन्फ्रेंस, नई दिल्ली के नवगठित विश्वस्त मंडल (Board of Trustees) में पुणे के वरिष्ठ समाजसेवी एवं जैन समाज के सक्रिय नेतृत्वकर्ता विलास राठोड जैन को विशेष/प्रोफेशनल प्रतिनिधि के रूप में मनोनीत किया गया है। राष्ट्रीय स्तर की इस प्रतिष्ठित संस्था के विश्वस्त मंडल में महाराष्ट्र से विलास राठोड को मिली यह जिम्मेदारी पुणे सहित महाराष्ट्र के जैन समाज के लिए गौरव का विषय है।
कॉन्फ्रेंस द्वारा 18 अगस्त 2026 को जारी सार्वजनिक विज्ञप्ति के अनुसार, संस्था के नए संशोधित संविधान के प्रावधानों के अंतर्गत राष्ट्रीय अध्यक्ष अतुल जैन द्वारा विश्वस्त मंडल का विधिवत गठन किया गया है।
नवगठित मंडल में संगठन की संस्थागत निरंतरता, अनुभव, क्षेत्रीय संतुलन तथा विभिन्न क्षेत्रों की विशेषज्ञता को ध्यान में रखते हुए देशभर से प्रतिनिधियों को स्थान दिया गया है।
विलास राठोड के सामाजिक कार्यों को राष्ट्रीय पहचान
नवगठित विश्वस्त मंडल में विशेष/प्रोफेशनल प्रतिनिधि के रूप में पुणे (महाराष्ट्र) के विलास राठोड जैन का चयन विशेष महत्व रखता है।
महाराष्ट्र एवं विशेष रूप से पुणे के जैन समाज में सामाजिक और संगठनात्मक गतिविधियों में उनकी सक्रिय भूमिका रही है। अब राष्ट्रीय स्तर पर मिली इस जिम्मेदारी से जैन समाज से जुड़े विषयों और महाराष्ट्र की अपेक्षाओं को राष्ट्रीय मंच पर प्रभावी ढंग से प्रस्तुत करने का अवसर मिलेगा।
कॉन्फ्रेंस के दस्तावेज के अनुसार नवगठित विश्वस्त मंडल में पदेन सदस्यों, वर्तमान एवं पूर्व राष्ट्रीय पदाधिकारियों, विभिन्न जोन के प्रतिनिधियों, श्रमण संघ के प्रतिनिधियों के साथ प्रोफेशनल, उच्च शिक्षाविद्, दानदाता, जैन दर्शन के जानकार, महिला तथा युवा प्रतिनिधियों को भी सम्मिलित किया गया है। कुल मिलाकर देश के विभिन्न क्षेत्रों के प्रतिनिधित्व के माध्यम से संगठन को और अधिक व्यापक एवं मजबूत बनाने का प्रयास किया गया है।
संगठन को नई दिशा देने का लक्ष्य – कॉन्फ्रेंस ने स्पष्ट किया है कि विश्वस्त मंडल का गठन संस्था की निरंतरता, संगठनात्मक स्थायित्व, पारदर्शिता तथा भविष्य की योजनाओं को मजबूत आधार देने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है। विश्वस्त मंडल संगठन की दीर्घकालीन संपत्तियों, संस्थागत परंपराओं एवं सामाजिक-धार्मिक गतिविधियों को अधिक व्यवस्थित और प्रभावी रूप से आगे बढ़ाने का प्रयास करेगा।
विलास राठोड ने अपनी नियुक्ति पर कहा कि ऑल इंडिया श्वेतांबर स्थानकवासी जैन कॉन्फ्रेंस जैसी राष्ट्रीय संस्था में मिली जिम्मेदारी उनके लिए पद से अधिक समाजसेवा का अवसर है। समाज की एकता, संगठन की मजबूती, युवा पीढ़ी को धर्म एवं सामाजिक मूल्यों से जोड़ने तथा समाजहित के कार्यों को राष्ट्रीय स्तर पर आगे बढ़ाने के लिए वे पूर्ण समर्पण के साथ कार्य करेंगे। – विलास राठोड जैन
