आवृत्ती , पुणे
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पिंपरी चिंचवड मे पंद्रह संघों का सामूहिक चातुर्मास प्रवेश

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पुणे : पिंपरी चिंचवड की धरती इस वर्ष एक ऐतिहासिक अध्याय लिखने जा रही है। रविवार 6 जुलाई को श्री प्रेम-भुवनभानु-जयेश-राजेन्द्र-हेमचंद्रसूरीश्वरजी परंपरा के प्रवचन-प्रभावक प. पू. आचार्यदेव श्रीमदब विजय अक्षयबोधिसूरीश्वरजी महाराजा, प्रवचन-शिखर प. पू. आचार्यदेव श्रीमदब विजय महाबोधिसूरीश्वरजी महाराजा तथा तपस्वीरत्ना प.पू. साध्वीजी श्री रत्नकीर्तिश्रीजी म.सा. के चरण पुणे में पड़ते ही पंद्रह जैन संघ-स्थानकों का सामूहिक धर्मवर्षी चातुर्मास आरंभ होगा।

रविवार सुबह 8 बजे लोकमान्य तिळक चौक से शोभायात्रा प्रारंभ होकर पारंपरिक वाद्य-गजर के साथ राजगृह नगरी पहुँचेगी।

इस ऐतिहासिक चातुर्मास के सह-लाभार्थी रूप में श्री निगडी जैन संघ, श्री चिंचवड गांव जैन संघ, श्री एम्पायर इस्टेट जैन संघ, श्री चिंचवड स्टेशन जैन संघ, श्री नेहरूनगर जैन संघ, श्री आकुर्डी जैन संघ, श्री विट्ठलवाडी जैन संघ, श्री पिंपरी जैन संघ, श्री काकडेवाडी जैन संघ, श्री पिंपळे सौदागर जैन संघ, श्री भोसरी जैन संघ, श्री वाकड जैन संघ, श्री चिखली जैन संघ, श्री कसारवाडी जैन संघ और श्री लोहगावडी जैन संघ हाथ में हाथ डालकर एक-सुर में साधना के पथ पर अग्रसर होंगे।

पंद्रह संघों का यह संयुक्त प्रयास न केवल पुणे, बल्कि संपूर्ण महाराष्ट्र के जैन समाज के लिए एकता, समर्पण और धर्म-सेवा का प्रतीक बनेगा। चातुर्मास काल में आचार्यवर्य ‘आत्मशुद्धि ही साधक की सर्वोच्च उपलब्धि’ का संदेश देंगे, वहीं साध्वीवृंद उपवास, सामायिक, प्रतिक्रमण और अध्ययन की श्रेष्ठ परंपराएँ जीवंत रखेंगी। आयोजन-स्थल राजगृह नगरी पूरे चार माह उपासना, दान-धर्म तथा सामाजिक कल्याण के विविध उपक्रमों से आलोकित रहेगा।

पिंपरी चिंचवड जैन महासंघ-जिसके कंधों पर समन्वय की पूरी ज़िम्मेदारी है विश्वास है कि यह सामूहिक चातुर्मास समस्त संघों के बीच सौहार्द को नया आयाम देगा, समाज-हित के सेवा-कार्यों को गति देगा और पुण्यनगरी पुणे को आध्यात्मिक ऊर्जा से ओतप्रोत करेगा।