पुणे जिला सकल संघ का राजगुरुनगर दौरा संपन्न, संगठनात्मक एकता को मिली नई दिशा
महाराष्ट्र जैन वार्ता
पुणे : श्री श्वेतांबर स्थानकवासी जैन सकल संघ, पुणे जिला द्वारा आयोजित संघ संपर्क अभियान के अंतर्गत आळेफाटा, जुन्नर, नारायणगांव एवं मंचर के पश्चात पांचवां दौरा राजगुरुनगर श्रीसंघ में उत्साहपूर्ण एवं प्रेरणादायी वातावरण में संपन्न हुआ। जिला अध्यक्ष विलास राठोड के नेतृत्व में आयोजित इस दौरे में जिला कार्यकारिणी ने स्थानीय संघ के पदाधिकारियों, ट्रस्टियों, महिला मंडल, युवक मंडल एवं समाज के वरिष्ठ सदस्यों के साथ संवाद स्थापित किया।
बैठक के दौरान संघ की धार्मिक, सामाजिक एवं शैक्षणिक गतिविधियों की जानकारी प्राप्त की गई तथा समाज को अधिक संगठित एवं सशक्त बनाने के लिए विभिन्न विषयों पर विस्तृत चर्चा की गई। विशेष रूप से महिला मंडल, युवक मंडल एवं विहार साथियों की जिला स्तरीय सुदृढ़ श्रृंखला के निर्माण, युवा नेतृत्व को प्रोत्साहन तथा विभिन्न संघों के मध्य समन्वय बढ़ाने पर विशेष बल दिया गया।
इस अवसर पर पुणे जिला स्तर पर एक व्यापक डायरेक्टरी तैयार करने की योजना पर भी चर्चा हुई। साथ ही प्रत्येक नगर एवं गांव में जैन पाठशालाओं के निर्माण, संस्कार शिक्षा के प्रसार तथा समाज की नई पीढ़ी को धर्म एवं संस्कृति से जोड़ने के विषय पर उपस्थित समाजबंधुओं ने अपने विचार व्यक्त किए।
अपने संबोधन में जिला अध्यक्ष विलास राठोड ने कहा कि सकल संघ का यह संपर्क अभियान समाज के सभी घटकों को एक मंच पर लाने का प्रयास है। जिले के प्रत्येक संघ के साथ सतत संवाद और सहयोग के माध्यम से संगठन को नई ऊंचाइयों तक पहुंचाया जा सकता है। इस अवसर पर अशोक पगारिया, सतीश सुराणा, सुभाष ललवाणी, जितू तातेड, राजेंद्र मुनोत, प्रमोद लुंकड, अभिजीत डुंगरवाल, अनिल नाहर एवं सागर साखला सहित जिला कार्यकारिणी के पदाधिकारी उपस्थित थे।
कार्यक्रम की सफलता के लिए राजगुरुनगर श्रीसंघ के अध्यक्ष अजय बलदोटा के नेतृत्व में मनीष बोरा, चंदन खारीवाल, नीलम मुथा, विजय भंसाली, प्रकाश गादिया, लालचंद कर्नावट, प्रदीप कासवा, सुशील शिंगवी, संतोष बोथरा, अजित लुणावत, सुयश लुणावत, प्रमोद भंसाली, सुरेश पोखरणा, सुरेश शिंगवी, सागर बलदोटा एवं अमर टाटिया ने विशेष परिश्रम किए। उनके उत्कृष्ट आयोजन, आत्मीय स्वागत एवं समर्पित सहयोग की सभी उपस्थितजनों ने सराहना की।
कार्यक्रम सौहार्दपूर्ण वातावरण में संपन्न हुआ तथा समाज की एकता, संगठनात्मक मजबूती, संस्कार निर्माण एवं भावी विकास योजनाओं को लेकर सकारात्मक संकल्प व्यक्त किया गया।
