राधनपुर में आज गूंज रहा संयम का जयघोष
मुमुक्षुरत्ना कोमल शशिकांतजी बंब का आज दीक्षा मुहूर्त महोत्सव
महाराष्ट्र जैन वार्ता
पुणे : राधनपुर की पावन धरा पर आज संयम और त्याग का मंगलमय वातावरण बना हुआ है। बंब परिवार की बेटी मुमुक्षुरत्ना कोमल शशिकांतजी बंब आज सांसारिक जीवन का त्याग कर संयम के पावन मार्ग पर अग्रसर हो रही हैं। उनके दीक्षा मुहूर्त महोत्सव का आयोजन आज, 13 अगस्त 2026, श्रावण सुदी एकम को राधनपुर में श्रद्धा और भक्ति के वातावरण में हो रहा है।
यह पावन दीक्षा प. पू. गच्छाधिपति आचार्य भगवंत श्रीमद् विजय अभयदेवसूरीश्वरजी म. सा. (डेहलावाला) एवं प. पू. आचार्य भगवंत श्रीमद् विजय मोक्षरत्नसूरीश्वरजी म. सा. के शुभाशीष तथा उनकी आज्ञानुवर्तिनी प. पू. साध्वीजी श्री अमितप्रज्ञाश्रीजी म. सा. की शिष्या, प. पू. साध्वीजी श्री मुक्तीरसाश्रीजी म. सा. की शिष्या प. पू. साध्वीजी श्री परमप्रियाश्रीजी म. सा. के पावन आशीर्वाद से संपन्न हो रही है।
कोमलजी के इस आध्यात्मिक निर्णय के साक्षी बनने के लिए परिवारजनों के साथ बड़ी संख्या में श्रद्धालुजन एवं समाजबंधु राधनपुर में उपस्थित हैं।
दीक्षा मुहूर्त के अवसर पर धार्मिक विधियों, गुरु भगवंतों के आशीर्वचन एवं मंगलमय वातावरण के बीच कोमलजी के संयम जीवन की नई यात्रा का शुभारंभ हो रहा है।
बंब परिवार की बेटी कोमलजी का यह त्याग केवल परिवार ही नहीं, बल्कि समूचे जैन समाज के लिए गौरव और प्रेरणा का अवसर बना है।
सांसारिक सुख-सुविधाओं का त्याग कर आत्मकल्याण एवं संयम के मार्ग को स्वीकार करने का उनका निर्णय युवाओं के लिए भी प्रेरणादायी संदेश दे रहा है।
आज राधनपुर में गुरु भगवंतों के जयघोष और धार्मिक वातावरण के बीच मुमुक्षुरत्ना कोमल शशिकांतजी बंब संयम पथ पर अपने जीवन की नई आध्यात्मिक शुरुआत कर रही हैं।
