जीतो प्रीमियर लीग पर ‘पुणे पेशवाज’ की ऐतिहासिक मुहर
रोमांचक फाइनल में राजस्थान राजवंश को 24 रनों से हराया : सौरभ सिंघवी ने छह विकेट लेकर लिखी जीत की कहानी
स्वप्निल गुगले बने टूर्नामेंट के सर्वश्रेष्ठ बल्लेबाज : सात मैचों में बनाए सर्वाधिक 278 रन
महाराष्ट्र जैन वार्ता
पुणे : श्रीलंका की धरती पर आयोजित पहली जीतो प्रीमियर लीग (जेपीएल) में ‘पुणे पेशवाज’ ने शानदार प्रदर्शन करते हुए ऐतिहासिक खिताब अपने नाम कर लिया। कोलंबो में खेले गए रोमांचक फाइनल मुकाबले में पुणे पेशवाज ने राजस्थान राजवंश को 24 रनों से पराजित कर जेपीएल का पहला विजेता बनने का गौरव हासिल किया।
इस ऐतिहासिक जीत के नायक रहे पुणे पेशवाज के तेज गेंदबाज सौरभ सिंघवी, जिन्होंने चार ओवर में केवल 20 रन देकर राजस्थान राजवंश के छह बल्लेबाजों को पवेलियन भेज दिया।
उनके इस असाधारण प्रदर्शन के लिए उन्हें ‘मैन ऑफ द मैच’ के पुरस्कार से सम्मानित किया गया। वहीं, पुणे पेशवाज के धाकड़ बल्लेबाज स्वप्निल गुगले ने पूरे टूर्नामेंट में अपनी बल्लेबाजी का लोहा मनवाया।
उन्होंने सात मैचों में सर्वाधिक 278 रन बनाकर टूर्नामेंट के सर्वश्रेष्ठ बल्लेबाज का पुरस्कार प्राप्त किया।
168 रन बनाकर राजस्थान को 144 पर रोका :- फाइनल मुकाबले में पहले बल्लेबाजी करते हुए पुणे पेशवाज ने निर्धारित 20 ओवरों में 168 रन बनाए। स्वप्निल गुगले ने 46 रनों की महत्वपूर्ण पारी खेली। उनका साथ देते हुए अनिकेत पोरवाल ने नाबाद 28 रन, हर्ष संघवी ने 27 रन और यश नाहर ने 26 रन बनाए। 169 रनों के लक्ष्य का पीछा करने उतरी राजस्थान राजवंश की टीम पुणे के गेंदबाजों के अनुशासित और आक्रामक प्रदर्शन के सामने 144 रन ही बना सकी। सौरभ सिंघवी ने छह विकेट झटके, जबकि निलय सिंघवी ने दो और दीपक डांगी ने एक विकेट लेकर राजस्थान की जीत की उम्मीदों पर पानी फेर दिया।
7,659 खिलाड़ियों में से चुने गए थे 240 खिलाड़ी :- जीतो अपेक्स की ओर से श्रीलंका के कोलंबो में 24 अगस्त से 5 सितंबर तक जेपीएल के पहले सत्र का आयोजन किया गया। इस प्रतिष्ठित प्रतियोगिता के लिए देशभर के 7,659 खिलाड़ियों में से 240 प्रतिभाशाली खिलाड़ियों का चयन किया गया था। चयनित खिलाड़ियों को 12 टीमों में विभाजित किया गया और 11 दिनों तक रोमांचक मुकाबले खेले गए। पूरे टूर्नामेंट में पुणे पेशवाज ने पुणे का प्रतिनिधित्व करते हुए निरंतर बेहतरीन प्रदर्शन किया और आखिरकार चैंपियन बनकर शहर तथा जैन समाज का गौरव बढ़ाया।
क्रिकेट के दिग्गजों ने बढ़ाया खिलाड़ियों का उत्साह :- इस ऐतिहासिक प्रतियोगिता में भारतीय क्रिकेट टीम के स्टार बल्लेबाज सूर्यकुमार यादव, पूर्व भारतीय क्रिकेटर हरभजन सिंह तथा श्रीलंका के महान क्रिकेट खिलाड़ी अर्जुन रणतुंगा और सनथ जयसूर्या ने विशेष रूप से उपस्थित होकर खिलाड़ियों का मनोबल बढ़ाया। इन दिग्गजों की उपस्थिति ने जेपीएल के पहले सत्र को और भी यादगार बना दिया।
टीम प्रबंधन और आयोजकों ने किया खिलाड़ियों का अभिनंदन :- जीतो अपेक्स के राष्ट्रीय अध्यक्ष एवं पुणे पेशवाज के मालिक विजय भंडारी सहित चेतन भंडारी, राजेशकुमार सांकला, विशाल चोरडिया, राजेंद्र जैन, डॉ. रमेश तेजावत, सुजित भटेवरा, अमित भटेवरा, दीपक जैन, अमोल कुचेरिया और निकुंज ओसवाल ने टीम के खिलाड़ियों तथा सहयोगी सदस्यों का अभिनंदन किया। जेपीएल के सफल आयोजन के लिए दीपक जैन और अमोल कुचेरिया ने विशेष परिश्रम किया। उनके नियोजन और समर्पण ने प्रतियोगिता की सफलता में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।
पुणे पेशवाज की विजेता टीम :- पुणे पेशवाज के मुख्य प्रशिक्षक श्रीकांत मुंढे, कप्तान रुषभ राठोड और उपकप्तान यश नाहर के कुशल नेतृत्व में टीम ने यह ऐतिहासिक उपलब्धि हासिल की। टीम में अनुपम संकलेचा, स्वप्निल गुगले, निलय सिंघवी, नील गांधी, निखिल लुणावत, अनिकेत पोरवाल, दीपक डांगी, हर्ष संघवी, हर्ष ओसवाल, अमन दोशी, अनुज छाजेड, यश बांबोली, सौरभ सिंघवी, यश दागा, ईशान ओसवाल, निखिल जैन, चिराग गदिया, श्रेयांक जैन, रौनक खंडेलवाल, रौनक पारेख, प्रचित भलगट और क्षितिज जैन शामिल थे। टीम के सहयोगी सदस्यों में शुभम चव्हाण ने स्पोर्ट्स मैनुअल थेरपिस्ट, डॉ. श्रेयश बाफना ने फिजियोथेरपिस्ट और हर्ष थॉमस ने मीडिया मैनेजर के रूप में जिम्मेदारी संभाली।
पुणे के खेल इतिहास में स्वर्णिम अध्याय :- पहली ही जीतो प्रीमियर लीग का खिताब जीतकर पुणे पेशवाज ने न केवल पुणे, बल्कि समूचे जैन समाज को गौरवान्वित किया है। खिलाड़ियों के अनुशासन, संघर्ष, टीम भावना और उत्कृष्ट प्रदर्शन ने इस जीत को अविस्मरणीय बना दिया। जेपीएल की यह जीत केवल एक ट्रॉफी तक सीमित नहीं है, बल्कि खेल जगत में जीतो के एक नए और गौरवशाली सफर का शुभारंभ है। ऐतिहासिक विजय के बाद पुणे पेशवाज के खिलाड़ियों, पदाधिकारियों और समर्थकों में जबरदस्त उत्साह एवं उल्लास का वातावरण है।
