पुणे मार्केट यार्ड में ‘पारस चौविहार हाउस 2026’ का शुभारंभ
धार्मिक आस्था और सेवाभाव का अनूठा संगम : लगातार 16वें वर्ष जैन समाज के लिए सेवा
महाराष्ट्र जैन वार्ता
पुणे : जैन धर्म की धार्मिक परंपराओं में चौविहार का विशेष महत्व है। जैन समाज की इसी धार्मिक भावना एवं सेवाभाव को ध्यान में रखते हुए पुणे मार्केट यार्ड स्थित वखार मंडल के गोदाम में ‘पारस चौविहार हाउस 2026’ का शुभारंभ उत्साहपूर्ण वातावरण में संपन्न हुआ। पारस फाउंडेशन पुणे द्वारा आयोजित यह सेवा उपक्रम लगातार 16वें वर्ष आयोजित किया जा रहा है।
इस वर्ष के चौविहार हाउस के प्रमुख आधारस्तंभ दानवीर उद्योगपति प्रकाशजी रसिकलालजी धारिवाल, दिनाजी प्रकाशजी धारिवाल, सुपुत्र आदित्यजी धारिवाल एवं धारिवाल परिवार, पुणे-घोड़नदी हैं। उद्घाटन अवसर पर अनेक दानदाताओं ने भी इस धार्मिक एवं सेवाभावी उपक्रम के लिए अपना योगदान देने की घोषणा की।
आठ दिनों तक मिलेगी चौविहार की सुविधा – मार्केट यार्ड स्थित वखार मंडल के गोदाम में आठ दिनों तक चौविहार हाउस की सुविधा उपलब्ध रहेगी। जैन बंधु धार्मिक नियमों एवं परंपराओं का पालन करते हुए यहां चौविहार का लाभ ले सकेंगे। आयोजकों ने पुणे एवं आसपास के अधिक से अधिक जैन समाजबंधुओं से इस सुविधा का लाभ लेने का आग्रह किया है।
समाजबंधुओं का महत्वपूर्ण योगदान – इस सेवा उपक्रम को सफल बनाने में महावीर लोढ़ा, गौतम गुगले, महेंद्र दुगड़, पोपटलाल कोठारी, अशोक संचेती, कमलेश कोठारी, अभिजीत डुंगरवाल, भरत सुराणा, विजय कोठारी, संतोष बोरा एवं चंद्रकांत लोढ़ा का प्रमुख योगदान रहा।
गणमान्य लोगों की उपस्थिति – शुभारंभ अवसर पर विजयकांत कोठारी, नगरसेवक प्रवीण चोरबोले, बाळासाहेब ओसवाल, बाळासाहेब धोका, पोपटलाल ओस्तवाल, अनिल भंसाली, मुकेश छाजेड़, रोशन लोढ़ा, निलेश सुंदेचा, दिलीप कटारिया एवं राजकुमार लोढ़ा सहित जैन समाज के अनेक गणमान्य व्यक्ति, दानदाता एवं समाजबंधु उपस्थित रहे।
16 वर्षों से निरंतर सेवा – पिछले 16 वर्षों से निरंतर आयोजित हो रहा पारस चौविहार हाउस पुणे के जैन समाज की धार्मिक आस्था, सेवा भावना एवं सामाजिक एकजुटता का प्रेरणादायी उदाहरण बन चुका है। धार्मिक परंपराओं को सहजता से निभाने के लिए समाजबंधुओं को सुविधा उपलब्ध कराने वाला यह उपक्रम हर वर्ष व्यापक सहभागिता प्राप्त कर रहा है। आयोजकों ने सभी जैन समाजबंधुओं से अधिक से अधिक संख्या में चौविहार हाउस का लाभ लेने का आवाहन किया है।
