चातुर्मास के प्रथम दिन नारी शक्ति का हुआ सम्मान
प्रतिभावान महिलाओं के सम्मान समारोह में उपलब्धियों को मिला प्रोत्साहन
महाराष्ट्र जैन वा
पुणे : श्री आदिनाथ स्थानकवासी जैन भवन में चातुर्मास के प्रथम दिन पर्युषण पर्व के पावन अवसर पर नारी शक्ति एवं प्रतिभा के सम्मान को समर्पित नारी सम्मान समारोह का आयोजन भक्तिभाव एवं उत्साहपूर्ण वातावरण में किया गया। उपप्रवर्तिनी महासाध्वी चंद्रकलाजी म. सा., प.पू. स्नेहप्रभाजी म. सा. एवं प. पू. श्रुतप्रज्ञाजी म. सा. के पावन सान्निध्य एवं मंगल आशीर्वाद में आयोजित इस समारोह में समाज के विभिन्न क्षेत्रों में उल्लेखनीय उपलब्धियां हासिल कर समाज का गौरव बढ़ाने वाली प्रतिभावान महिलाओं का सम्मान किया गया।
समारोह में सज्जनबाई भंडारी एवं सुनंदाबाई लुंकड का संघ की ओर से विशेष सम्मान किया गया। अपने-अपने कार्यक्षेत्र में उल्लेखनीय योगदान देने वाली इन महिलाओं के सम्मान से उपस्थित समाजजनों में उत्साह का वातावरण देखने को मिला।
कार्यक्रम की अध्यक्षता नगरसेविका मनीषा चोरबेले ने की। प्रमुख अतिथियों के रूप में सुनंदा चोरडिया संपादक जैन जागृति तथा रूपल चोरडिया संपादक जैन परंपरा उपस्थित रहीं। उनके शुभहस्ते सम्मान समारोह संपन्न हुआ।
कार्यक्रम से पूर्व उपप्रवर्तिनी महासाध्वी चंद्रकलाजी म. सा., प. पू. स्नेहप्रभाजी म. सा. एवं प. पू. श्रुतप्रज्ञाजी म. सा. के मंगलमय प्रवचन हुए।
महाराज साहेब के प्रेरणादायी मार्गदर्शन, मंगल आशीर्वचन एवं आध्यात्मिक संदेश से उपस्थित श्रावक-श्राविकाओं को पर्युषण पर्व की साधना, आत्मचिंतन और जीवन मूल्यों के प्रति प्रेरणा मिली।
उनके पावन सान्निध्य से पूरा वातावरण भक्तिमय एवं आध्यात्मिक ऊर्जा से भर गया। कार्यक्रम के आयोजन एवं सफल संचालन में संघ के अध्यक्ष निलेश संदेशा मुथा, अनिल नहार, मदनलाल बलदोटा, विजय नवलाखा, सुभाष मुथा, संजय सांकला, सचिन टाटीया, सचिन रायसोनी एवं वैभव शिंगवी ने विशेष परिश्रम किया।
इस अवसर पर पवन भंडारी, अभिजीत डुंगरवाल, नेमिचंद भंडारी, राजेश भंडारी, दीपक लुंकड सहित अनेक मान्यवर उपस्थित रहे। समारोह में असंख्य श्रोताओं की उपस्थिति रही।
चातुर्मास के प्रथम दिन आयोजित इस विशेष कार्यक्रम में धर्म, साधना और नारी सम्मान का सुंदर संगम देखने को मिला। समाज की प्रतिभावान महिलाओं की उपलब्धियों को सम्मान देकर उन्हें आगे बढ़ने के लिए प्रोत्साहित करने वाला यह आयोजन उपस्थित समाजजनों के लिए प्रेरणादायी एवं स्मरणीय रहा।
