११ दिनों के कठिन उपवास से आर्वी मोदी ने बढ़ाया परिवार का गौरव
गुरु भगवंतो के आशीर्वाद से पूरी हुई कठिन तपस्या : वर्धमान प्रतिष्ठान में धार्मिक एवं मंगलमय वातावरण
महाराष्ट्र जैन वार्ता
पुणे : शिवाजीनगर स्थित वर्धमान प्रतिष्ठान जैन स्थानक में चातुर्मासार्थ विराजित महासाध्वी अरिहंतप्रिया प. पू. श्री. डॉ. दिव्यप्रभाजी म. सा. की लघु भगिनी सर्वत्रप्रिया प. पू. श्री. अनुपमाजी म. सा., प. पू. श्री. विरतीसाधनाजी म. सा., प. पू. श्री. श्रुतसाधनाजी म. सा. एवं प. पू. श्री. जिनेश्वराजी म. सा. आदि ठाणा-4 की प्रेरणा एवं आशीर्वाद से आर्वी अमित मोदी ने लगातार ११ दिनों का कठिन उपवास तप पूर्ण किया।
मुंबई के सामाजिक एवं धार्मिक क्षेत्र में सक्रिय तथा पी. एच. जैन उद्योग समूह के संचालक उद्योगपति पारस मोदी एवं छाया मोदी की पोती तथा प्रमोद दुगड़ परिवार की पोती आर्वी मोदी के 11 दिवसीय तप की पूर्णाहुति शुक्रवार, 25 सितंबर 2026 को शिवाजीनगर स्थित वर्धमान प्रतिष्ठान जैन स्थानक में धार्मिक एवं आनंदमय वातावरण में संपन्न हुई।
आर्वी मोदी के इस तप ने न केवल परिवार, बल्कि उपस्थित जैन समाज के श्रावक-श्राविकाओं में भी उत्साह एवं श्रद्धा का वातावरण बना दिया।
तप की पूर्णाहुति के अवसर पर बड़ी संख्या में समाज के गणमान्य व्यक्ति एवं परिवारजन उपस्थित रहे। इस अवसर पर भामाशाह रमणलाल लुंकड, पुणे जिला सकल जैन श्रावक संघ के अध्यक्ष विलास राठोड़, बिबवेवाड़ी जैन श्रावक संघ के अध्यक्ष पोपटलाल ओस्तवाल, पारस मोदी, प्रा. डॉ. अशोककुमार पगारिया, विशाल सोलंकी, बाळासाहेब धोका, प्रमोद दुगड़, किर्तिराज दुगड़, प्रवीण दुगड़, प्रकाश दुगड़, रविंद्र दुगड़, माणिक दुगड़, संतोष दुगड़, सागर साखला, बाळासाहेब कर्नावट, सतीश सुराणा, रसिकलाल नहार, आनंद छाजेड़, अविनाश कोठारी, प्रकाश कटारिया, सुरेखा कटारिया, प्रफुल्ल कोठारी, नितीन चोपड़ा, महावीर नहार, गौतम बुरड़, प्रकाश चोपड़ा, लता पगारिया, संजय चोरडिया, सुभाषबाबू लुंकड सहित अनेक गणमान्य उपस्थित रहे।
कार्यक्रम के दौरान संघ की ओर से विशाल सोलंकी का सत्कार किया गया। वहीं 11 दिनों का कठिन तप पूर्ण करने वाली तपस्वी आर्वी मोदी को मानपत्र प्रदान कर विशेष रूप से सम्मानित किया गया। मानपत्र का वाचन अर्चनाताई लुणावत ने किया।
इस अवसर पर प. पू. श्री. जिनेश्वराजी म. सा. ने अनंत चतुर्दशी के धार्मिक महत्व पर प्रकाश डालते हुए उपस्थित श्रावक-श्राविकाओं को मार्गदर्शन दिया।
उन्होंने विभिन्न प्रेरणादायी प्रसंगों के माध्यम से तप, संयम और धार्मिक साधना का महत्व समझाया। साथ ही कु. आर्वी मोदी के 11 दिवसीय तप के दौरान उनके मन में रहे संकल्पों के बारे में भी जानकारी दी।
वैशाली जैन ने अपने मनोगत में कहा कि पी. एच. जैन परिवार से मिले संस्कारों और धार्मिक परंपराओं को आर्वी ने पूरी निष्ठा के साथ आगे बढ़ाया है।
11 दिनों का निरंतर तप पूर्ण कर आर्वी ने मोदी और दुगड़ दोनों परिवारों का गौरव बढ़ाया है, ऐसा उन्होंने कहा। कार्यक्रम का प्रभावी संचालन जितेंद्र तातेड ने किया।
उपस्थित मान्यवरों एवं समाजजनों ने तपस्वी आर्वी मोदी का अभिनंदन करते हुए उनके उज्ज्वल धार्मिक जीवन की मंगलकामना की।
