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पिंपरी-चिंचवड़ जैन महासंघ का सामूहिक क्षमापना समारोह संपन्न

maharashtra jain warta • Maharashtra Jain Warta • October 2, 2026
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पुणे : कल्याण प्रतिष्ठान के सभागृह में पिंपरी-चिंचवड़ जैन महासंघ एवं श्री वर्धमान स्थानकवासी जैन श्रावक संघ, चिंचवड़गांव और कल्याण प्रतिष्ठान के संयुक्त तत्वावधान में जैन धर्म के सभी संप्रदायों के श्रावक-श्राविकाओं एवं साध्वीजी के सान्निध्य में सामूहिक क्षमापना कार्यक्रम आयोजित किया गया। कार्यक्रम में जैन समाज की एकता, आपसी प्रेम और सौहार्द का संदेश दिया गया।

कार्यक्रम का शुभारंभ प. पू. विनीतयशाश्रीजी म. सा. के मंगलाचरण से हुआ। जैन महासंघ के अध्यक्ष श्रेयस पगारिया ने महासंघ की स्थापना से लेकर अब तक किए जा रहे कार्यों की संक्षिप्त जानकारी दी।

उन्होंने बताया कि महासंघ द्वारा हर वर्ष सभी संप्रदायों के श्रावक-श्राविकाओं को एक मंच पर लाकर सामूहिक क्षमापना कार्यक्रम आयोजित किया जाता है।

इस वर्ष चिंचवड़गांव श्रावक संघ के सहयोग से प. पू. पुष्पचूलाजी म. सा., प. पू. सुप्रियादर्शनाजी म. सा., प. पू. नियमदर्शनाजी म. सा. एवं प. पू विनीतयशाश्रीजी म. सा. के मंगलमय सान्निध्य में कार्यक्रम संपन्न हुआ।

कार्यक्रम में बोलते हुए प. पू. सुप्रियादर्शनाजी म. सा. ने पिंपरी-चिंचवड़ जैन महासंघ के कार्यों की सराहना करते हुए विशेष रूप से सामूहिक क्षमापना कार्यक्रम को प्रशंसनीय बताया।

उन्होंने कहा कि सभी संप्रदायों के संत-साध्वीजी को एक मंच पर लाकर तथा सभी संप्रदायों के श्रावक-श्राविकाओं को एक साथ शामिल कर कई वर्षों से सामूहिक क्षमापना कार्यक्रम आयोजित करना संतोष की बात है।

उन्होंने कहा कि जैन धर्म में क्षमापना पर्व का विशेष महत्व है। जिन लोगों के साथ किसी कारणवश मनमुटाव या बोलचाल बंद हो गई हो, उनसे क्षमा मांगकर दोबारा स्नेह और सौहार्दपूर्ण संबंध स्थापित करना ही क्षमापना पर्व का उद्देश्य है।

इस दिन सभी मतभेदों को भूलकर एक साथ आने की आवश्यकता है। महासंघ द्वारा आयोजित इस प्रकार के कार्यक्रम जैन समाज में एकता और आपसी सद्भाव को मजबूत करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।

प. पू. नियमदर्शनाजी म. सा. ने भी जैन एकता का स्तवन प्रस्तुत कर कार्यक्रम में मंगलमय वातावरण बनाया। उन्होंने कहा कि “प्रथम हम जैन हैं और उसके बाद व्यवस्था के अनुसार विभिन्न संप्रदायों में हैं।”

जैन समाज में एकता स्थापित करने के लिए ऐसे कार्यक्रमों की निश्चित रूप से आवश्यकता है। उन्होंने जैन महासंघ के सभी उपक्रमों के साथ सामूहिक क्षमापना कार्यक्रम को भी सराहनीय बताया।

चिंचवड़गांव जैन श्रावक संघ के अध्यक्ष नंदकुमार लूनावत ने सभी उपस्थित अतिथियों एवं समाजबंधुओं का स्वागत किया। इस अवसर पर शहर अभियंता पद पर पदोन्नत हुए मनोज सेठिया का श्रावक संघ की ओर से सम्मान किया गया।

जैन महासंघ की ओर से भी अध्यक्ष श्रेयस पगारिया एवं सभी पदाधिकारियों ने उनका सम्मान किया। जैन श्रावक संघ के मयूर शिंगवी ने कार्यक्रम का सूत्रसंचालन किया।

महासंघ के पदाधिकारियों ने मंच के समक्ष खड़े होकर सामूहिक क्षमायाचना संदेश का वाचन किया और सभी से क्षमा मांगी। उपस्थित समाजबंधुओं ने भी एक-दूसरे से क्षमायाचना कर पर्व का संदेश आत्मसात किया।

कार्यक्रम में जैन समाज के सभी संप्रदायों के श्रावक-श्राविकाएं बड़ी संख्या में उपस्थित रहे। कार्यक्रम के सफल आयोजन के लिए जैन महासंघ के अध्यक्ष श्रेयस पगारिया, निवर्तमान अध्यक्ष उमेश पाटील, कार्याध्यक्ष विजय भिलवडे, महामंत्री संदीप फुलफगर, कोषाध्यक्ष नेनसुख मांडोत, उपाध्यक्ष श्रेणिक मंडलेचा, मंत्री वीरेश छाजेड एवं सह-कोषाध्यक्ष तुषार मुथा ने विशेष परिश्रम किया।

कार्यक्रम में महासंघ के संस्थापक अध्यक्ष डॉ. अशोककुमार पगारिया, पूर्व अध्यक्ष नितीन बेदमुथा, विलास पगारिया, प्रकाश कटारिया, सूर्यकांत मुथियान, वरिष्ठ उपाध्यक्ष दिलीप भन्साळी, प्रकाश गदिया, राजेंद्र कर्नावट, प्रा. सुरेश धाडीवाल, रमणलाल शिंगवी, प्रकाश बंब, जितो पिंपरी- चिंचवड चॅप्टर के अध्यक्ष संतोष चंगेडिया, जैन सोशल ग्रुप अध्यक्ष मयूर पगारिया, अनुप नहार, रविंद्र बलाई, राजेंद्र मुनोत सहित महासंघ के कार्यकारिणी सदस्य हर्षद लुंकड, स्नेहल भंडारी, शुभम कटारिया, विकास नवले, सचिन कोगनाळे, अमोल शिरगावे, अभिनंदन छाजेड उपस्थित थे।

चिंचवड़गांव जैन श्रावक संघ के पूर्व अध्यक्ष अशोक बागमार, राजेंद्र जैन, राजेंद्र मुथा, नाशिक के जे.सी. भंडारी, सुरेखा कटारिया, लता पगारिया, कविता सेठिया, लीना कटारिया, श्रुति पगारिया, अनिता नहार सहित विभिन्न जैन संघों के अध्यक्ष, जैन कॉन्फ्रेंस के पदाधिकारी, महिलाएं एवं युवा बड़ी संख्या में उपस्थित रहे।