लुंकड़ परिवार ने लगाई ‘जैनम जयति शाशनम्’ की प्रथम बोली
सकल जैन सामूहिक क्षमापना के अवसर पर ABBPP Jain Sangh की अनूठी पहल
महाराष्ट्र जैन वार्ता
पुणे : जैन धर्म की भक्ति, एकता और सामूहिक क्षमाभाव का सुंदर संगम शनिवार को बंटारा भवन में आयोजित ‘जैनम जयति शाशनम्’ के भव्य कर्टन रेज़र समारोह में देखने को मिला। इस अवसर पर ABBPP Jain Sangh द्वारा पहली बार 11 नवकार मंत्रों के जाप के लिए बोली आयोजित की गई, जिसमें आर.के. लुंकड़ एवं परिवार ने प्रथम बोली लेकर अपनी श्रद्धा अर्पित की।
सकल जैन सामूहिक क्षमापना के अवसर पर आयोजित इस विशेष कार्यक्रम में जैन धर्म के विभिन्न संप्रदायों के समाजबंधु एक साथ उपस्थित हुए।
सभी ने परस्पर क्षमायाचना करते हुए मैत्री, सौहार्द और भाईचारे का संदेश दिया। सामूहिक क्षमापना के साथ आयोजित नवकार मंत्र की बोली ने कार्यक्रम को आध्यात्मिक रूप से विशेष बना दिया।
प्रथम बोली लेने वाले आर.के. लुंकड़ परिवार की ओर से रमणलाल लुंकड़ एवं आशाबाई लुंकड़, राजेंद्र लुंकड़ एवं मनीषा लुंकड़, रविंद्र लुंकड़ एवं वैशाली लुंकड़, आकाश लुंकड़ एवं खुशाली लुंकड़, मास्टर अक्षय लुंकड़ सहित परिवार के अन्य सदस्य उपस्थित रहे।
जैन दर्शन में णमोकार मंत्र को विशेष आध्यात्मिक महत्व प्राप्त है। इसी श्रद्धाभाव के साथ आयोजित 11 नवकार मंत्रों के जाप की बोली ने ‘जैनम जयति शाशनम्’ के कर्टन रेज़र समारोह को विशेष बना दिया।
इस पहल के माध्यम से धार्मिक आस्था के साथ समाज में सामूहिक सहभागिता का भाव भी देखने को मिला। ABBPP यानी Aundh-Balewadi-Baner-Pashan-Pimple Nilakh Jain Sangh द्वारा आयोजित ‘जैनम जयति शाशनम्’ के माध्यम से जैन धर्म के सिद्धांतों, संस्कारों, संस्कृति और गौरवशाली विरासत को व्यापक समाज तक प्रभावी एवं आकर्षक रूप में पहुंचाने का प्रयास किया जा रहा है।
समारोह में सभी जैन संप्रदायों के समाजबंधुओं की सहभागिता रही। सामूहिक क्षमापना, नवकार मंत्र के जाप और धार्मिक सहभागिता के माध्यम से कार्यक्रम में जैन एकता, क्षमाभाव तथा सामूहिक आध्यात्मिक चेतना का प्रेरणादायी संदेश दिया गया।
