उद्योग और समाजसेवा में उत्कृष्ट योगदान का सम्मान
महाराष्ट्र जैन वार्ता
पुणे : उद्योग, समाजसेवा और राष्ट्रनिर्माण में उल्लेखनीय योगदान देने वाले प्रकाश गांधी इनको सूर्यदत्त ग्रुप ऑफ इंस्टीट्यूट्स की ओर से ‘सूर्यदत्त राष्ट्रीय जीवनगौरव पुरस्कार’ से सम्मानित किया गया।
सूर्यदत्त एज्युकेशन फाउंडेशन संचालित सूर्यदत्त ग्रुप ऑफ इंस्टीट्यूट्स के 28वें स्थापना दिवस के उपलक्ष्य में बाणेर स्थित बंटारा भवन में आयोजित भव्य पुरस्कार वितरण समारोह में उद्योग और समाजसेवा के क्षेत्र में निरंतर योगदान देने वाले उद्योजक प्रकाश गांधी को ‘सूर्यदत्त राष्ट्रीय जीवनगौरव पुरस्कार’ प्रदान किया गया।
यह सम्मान भारत के सर्वोच्च न्यायालय के पूर्व मुख्य न्यायाधीश उदय ललित के करकमलों से प्रदान किया गया। इस अवसर पर शिक्षा, प्रशासन, कला और सामाजिक क्षेत्र से जुड़े अनेक प्रतिष्ठित व्यक्तित्व उपस्थित रहे।
प्रकाश गांधी ने अपने उद्यमशील कार्यों के माध्यम से न केवल व्यापारिक क्षेत्र में एक अलग पहचान बनाई, बल्कि सामाजिक उत्तरदायित्व को भी अपनी प्राथमिकता में रखा है। उन्होंने शिक्षा, सेवा, रोजगार सृजन और मानवीय मूल्यों को केंद्र में रखते हुए कई सामाजिक और शैक्षणिक उपक्रमों को निरंतर समर्थन दिया है।
वे पद्ममणि जैन तीर्थ, पाबळ संस्था में पिछले 40 वर्षों से कार्यरत हैं और उनके प्रयासों से समाज के अनेक वर्गों को सकारात्मक दिशा और नई प्रेरणा प्राप्त हुई है। सम्मान स्वीकार करते हुए प्रकाश गांधी ने कहा कि यह पुरस्कार उनके लिए व्यक्तिगत सम्मान से कहीं अधिक समाज के प्रति उनके दायित्व को और मजबूती से निभाने की प्रेरणा है।
उन्होंने सूर्यदत्त संस्था द्वारा समाज में उल्लेखनीय कार्य करने वाले व्यक्तियों को सम्मानित करने की पहल की सराहना की। सूर्यदत्त संस्थान के संस्थापक अध्यक्ष प्रा. डॉ. संजय बी. चोरडिया ने प्रकाश गांधी के कार्यों की प्रशंसा करते हुए कहा कि उद्योग और सेवा के संतुलन का आदर्श उदाहरण प्रकाश गांधी हैं।
उनके कार्य युवाओं के लिए प्रेरणास्रोत हैं और समाज को सकारात्मक दिशा प्रदान करते हैं। समारोह में उपस्थित गणमान्य व्यक्तियों ने प्रकाश गांधी को मिले इस सम्मान को उनके दीर्घकालीन सामाजिक, औद्योगिक और मानवीय योगदान की सार्वजनिक स्वीकृति बताया।
















