महाराष्ट्र जैन वार्ता
कोल्हापुर : जैन महासंघ के राष्ट्रीय अध्यक्ष तथा महाराष्ट्र सरकार के जैन अल्पसंख्यक आर्थिक विकास महामंडल के अध्यक्ष (राज्यमंत्री) ललित गांधी के पिता साकलचंदजी गोमराजजी गांधी का 25 मार्च को प्रातःकाल 89 वर्ष की आयु में लंबी बीमारी के कारण निधन हो गया। पिछले कुछ महीनों से वे श्वसन संबंधी समस्या से पीड़ित थे। उनके निधन से जैन समाज सहित सामाजिक और व्यावसायिक क्षेत्र में शोक की लहर व्याप्त है।
साकलचंदजी गांधी महावीर एजुकेशन सोसायटी के ट्रस्टी के रूप में कार्यरत थे। इसके अलावा, वे गुजरी स्थित श्री संभवनाथ जैन श्वेतांबर मंदिर संघ के पूर्व ट्रस्टी भी रह चुके थे। धार्मिक, सामाजिक और शैक्षणिक क्षेत्रों में उनका महत्वपूर्ण योगदान रहा। देशभर के विभिन्न जैन तीर्थक्षेत्रों में आयोजित धार्मिक गतिविधियों में उन्होंने सक्रिय सहभागिता निभाई।
उनके जीवनभर के धार्मिक एवं सामाजिक योगदान के सम्मान में, गुजरी स्थित श्री संभवनाथ जैन श्वेतांबर मंदिर संघ तथा भक्तिपूजानगर स्थित श्री आशापूर्ण पार्श्वनाथ जैन श्वेतांबर मंदिर संघ की संयुक्त मान्यता से गांधी परिवार द्वारा हाल ही में भव्य “जीवित महोत्सव” एवं “देव-गुरु भक्ति अष्टान्हिका महोत्सव” का आयोजन किया गया था। इस अवसर पर जैन समुदाय के वरिष्ठ आचार्य श्रीमद् विजय कीर्तियश सूरीश्वरजी महाराजा की गरिमामयी उपस्थिति रही।
व्यवसाय क्षेत्र में भी उनका उल्लेखनीय योगदान रहा। उन्होंने एक छोटे कपड़ा व्यवसाय से शुरुआत कर उसे एक बड़े उद्योग समूह में परिवर्तित किया। कोल्हापुर शहर में टीवी बिक्री का पहला भव्य शोरूम स्थापित करने का श्रेय भी उन्हें ही जाता है। उनके परिश्रम और दूरदृष्टि के कारण व्यवसाय ने उल्लेखनीय प्रगति की।
उनके पश्चात दो पुत्र, दो पुत्रियां, दामाद, बहुएं तथा नाती-पोतों सहित बड़ा परिवार है। वे उद्यमी भरत गांधी के पिता तथा सर्किट बेंच के वकील मेघ गांधी और दर्शन गांधी के दादा थे। उनके निधन से परिवार सहित समाज में शोक की गहरी लहर फैल गई है।



















