पुणे के श्री आदिनाथ आयंबिल मंडल की प्रेरक पहल
महाराष्ट्र जैन वार्ता
पालिताना : पालिताना महातीर्थ में चैत्र मास की शाश्वती आयंबिल ओली इस वर्ष विशेष आध्यात्मिक उल्लास के साथ मनाई जा रही है। श्रद्धा, तप और भक्ति का अनूठा संगम यहां देखने को मिल रहा है।
पालिताना महातीर्थ की पावन धरा पर स्थित सिद्धगिरी की तलहटी में ‘बेंगलोर भवन’ में आयोजित आयंबिल ओली ने भक्तिमय वातावरण निर्मित कर दिया है। इस तप आराधना का संचालन पुणे के श्री आदिनाथ आयंबिल मंडल द्वारा किया जा रहा है, जो धर्म प्रभावना की दिशा में एक प्रेरणादायी पहल के रूप में उभरकर सामने आया है।
प. पू. आचार्य श्रीमद् विजय अजितरत्नसूरीश्वरजी की पावन निश्रा में यह आयोजन आत्मशुद्धि का महायज्ञ बन गया है। कार्यक्रम की विशेषता यह है कि लगभग 10 पुण्यात्मा परिवारों के सहयोग से यह आयंबिल ओली सुव्यवस्थित रूप से संचालित हो रही है।
प्रतिदिन 300 से अधिक श्रावक-श्राविकाएं तथा करीब 200 साधु-संत आयंबिल तप की आराधना के लिए यहां उपस्थित हो रहे हैं, जिससे सम्पूर्ण वातावरण भक्तिमय और मंगलमय बना हुआ है। आयोजन में स्थानीय श्रद्धालुओं के साथ-साथ बाहरी क्षेत्रों से आए तपस्वियों की भी उल्लेखनीय भागीदारी देखने को मिल रही है।
वक्ताओं ने कहा कि ऐसे आयोजन समाज में सकारात्मक ऊर्जा का संचार करते हैं और आध्यात्मिक परंपराओं को सशक्त बनाते हैं। इस अवसर पर सहयोगी परिवारों का विशेष बहुमान किया गया, जिनमें अरुणा सतीश बनवट, मंगला रविंद्र नहार, लीलावती मोतीलाल कर्नावट, उज्वला मदनलाल नहार, कस्तुरी झुंबरलाल बेदमुथा, नीलम दिनेश मुनोत, पुष्पा दिलीप बोरा, मंगला अनिलकुमार बरमेचा, कल्पना संतोष दुगड तथा शकुंतला शांतीलाल कोठारी के परिवार शामिल रहे।
मंडल के पदाधिकारियों ने सभी सहयोगी परिवारों के प्रति आभार व्यक्त करते हुए कहा कि उनके निस्वार्थ सेवा भाव से ही यह भव्य आयोजन सफल हो रहा है। बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं ने इस पुण्य अवसर का लाभ उठाकर आध्यात्मिक शांति और ऊर्जा का अनुभव किया।



















