बिबवेवाड़ी जैन स्थानक में चातुर्मासिक मंगल प्रवेश संपन्न
महाराष्ट्र जैन वार्ता
पुणे : बिबवेवाड़ी जैन स्थानक में पावन चातुर्मास 2026 के अवसर पर राजस्थान वीरांगना प. पू. महासाध्वी श्री जयश्रीजी म.सा., प. पू. श्री राजश्रीजी म.सा. तथा प. पू. श्री समीक्षाश्रीजी म.सा. (आदि ठाणा-3) का चातुर्मासिक मंगल प्रवेश रविवार को बाळासाहेब कर्णावट (कोयालिकर) के निवासस्थान से निकली भव्य शोभायात्रा के साथ श्रद्धा, भक्ति एवं उत्साहपूर्ण वातावरण में संपन्न हुआ।
इस अवसर पर श्रद्धालुओं को संबोधित करते हुए महासाध्वी श्री जयश्रीजी म.सा. ने कहा कि “अब आत्मजागृति का समय आ गया है। चातुर्मास आत्मजागृति, साधना और आध्यात्मिक उन्नति का अमूल्य काल है।
इस स्वर्णिम अवसर का लाभ उठाते हुए प्रत्येक व्यक्ति को अपने जीवन में धर्म, संयम और साधना को अपनाकर आत्मकल्याण का मार्ग प्रशस्त करना चाहिए।”
मंगल प्रवेश समारोह में देश के विभिन्न राज्यों से बड़ी संख्या में श्रद्धालु उपस्थित रहे। विशेष रूप से हैदराबाद, मध्य प्रदेश, मेवाड़, राजस्थान एवं इंदौर से आए श्रद्धालुओं ने अपनी उपस्थिति दर्ज कराई।
इसके अलावा पुणे के विभिन्न जैन श्रीसंघों के पदाधिकारी, समाज के गणमान्य नागरिक तथा बड़ी संख्या में श्रावक-श्राविकाओं ने गुरु भगवंतों के दर्शन एवं प्रवचनों का लाभ प्राप्त किया।
कार्यक्रम के प्रारंभ में बिबवेवाड़ी श्रीसंघ के अध्यक्ष पोपटलाल ओस्तवाल ने स्वागत भाषण दिया। माणिकचंद दुगड़ ने प्रभावी मंच संचालन किया, जबकि महामंत्री गणेश ओसवाल ने आभार व्यक्त किया।
कार्यक्रम के सफल आयोजन में शोभा धाड़ीवाल, पोपटलाल ओस्तवाल, माणिकचंद दुगड़, रमेश गुगळे, पन्नालाल पितलिया, रमणलाल लुंकड़, गणेश ओसवाल, अविनाश कोठारी, संपतलाल भटेवरा, सुनील बलाई, सुभाष बाफना, चंद्रकांत लुंकड़, प्रवीण चोरबेले, कीर्तीराज दुगड़, रविंद्र दुगड, चेतन नाहर, दिलीप रायसोनी, विजय समदड़िया, सहित सत्यसाधना महिला मंडल, श्रुत बहू मंडल, आत्मानंद ग्रुप एवं वर्धमान यूथ ग्रुप के सदस्यों ने महत्वपूर्ण योगदान देकर कार्यक्रम को सफल बनाया।

