वर्धमान प्रतिष्ठान में साध्वी भगवंतों का चातुर्मास मंगल प्रवेश संपन्न
महाराष्ट्र जैन वार्ता
पुणे : वर्धमान प्रतिष्ठान, शिवाजीनगर में साध्वी श्री अनुपमाजी म.सा., साध्वी श्री विरति साधनाजी म.सा., साध्वी श्री श्रुत साधनाजी म.सा. एवं साध्वी श्री जिनेश्वराजी म.सा. (ठाणा-4) का चातुर्मास मंगल प्रवेश श्रद्धा, भक्ति एवं उत्साहपूर्ण वातावरण में संपन्न हुआ।
प्रातः सहारा होटल से मंगल प्रवेश यात्रा प्रारंभ हुई। इस भव्य यात्रा में सैकड़ों श्रद्धालु धर्मध्वज एवं मंगलगान के साथ शामिल हुए। यात्रा के वर्धमान प्रतिष्ठान पहुंचने पर साध्वी भगवंतों का भव्य स्वागत एवं अभिनंदन किया गया।
इस मंगल अवसर पर पुणे के विभिन्न जैन स्थानकों एवं संघों के पदाधिकारी, श्रावक-श्राविकाएं तथा समाज के गणमान्यजन बड़ी संख्या में उपस्थित रहे।
विभिन्न संघों की ओर से साध्वी भगवंतों का स्वागत करते हुए चातुर्मास की मंगलमय शुभकामनाएं अर्पित की गईं। मंगल प्रवेश के उपरांत आयोजित धर्मसभा में साध्वी श्री अनुपमाजी म. सा. ने “नींबू-चम्मच” विषय पर प्रेरणादायी प्रवचन दिया।
उन्होंने जीवन में संयम, विवेक एवं सकारात्मक दृष्टिकोण अपनाने का संदेश देते हुए कहा कि आत्मचिंतन और सदाचार के माध्यम से जीवन को श्रेष्ठ बनाया जा सकता है। उनके प्रेरणादायी विचारों से उपस्थित श्रद्धालु लाभान्वित हुए।
धर्मसभा के पश्चात नवकारशी का आयोजन किया गया। नवकारशी के लाभार्थी श्रीमती इच्छाबाई इंद्रकुमारजी बोरा एवं परिवार रहे।
इस कार्यक्रम का सफल आयोजन वर्धमान प्रतिष्ठान, शिवाजीनगर के अध्यक्ष विलास राठोड, जीतू तातेड तथा समस्त पदाधिकारियों, कार्यकर्ताओं एवं स्वयंसेवकों के सहयोग से संपन्न हुआ।

