प्राकृत-जैन अध्ययन की डिग्री का सुनहरा अवसर
वर्धमान एजुकेशन एंड रिसर्च इंस्टीट्यूट, पुणे की पहल : घर बैठे प्राप्त करें जैन दर्शन एवं प्राकृत भाषा का ज्ञान
महाराष्ट्र जैन वार्ता
पुणे : वर्धमान एजुकेशन एंड रिसर्च इंस्टीट्यूट, पुणे द्वारा संचालित प्राकृत एवं जैन स्टडीज के ऑनलाइन डिग्री पाठ्यक्रमों के लिए शैक्षणिक वर्ष 2026-27 हेतु प्रवेश प्रक्रिया प्रारंभ हो गई है। संस्थान द्वारा बी.ए. एवं एम.ए. स्तर के पाठ्यक्रम ऑनलाइन माध्यम से उपलब्ध कराए जा रहे हैं। इन पाठ्यक्रमों की डिग्री Vishwakarma University, Pune द्वारा प्रदान की जाएगी।
प्राकृत एवं जैन अध्ययन में रुचि रखने वाले विद्यार्थी इन पाठ्यक्रमों में प्रवेश ले सकते हैं। बी.ए. इन प्राकृत एंड जैन स्टडीज के लिए 12वीं उत्तीर्ण होना आवश्यक है, जबकि एम.ए. इन प्राकृत एंड जैन स्टडीज के लिए किसी भी विषय में स्नातक की डिग्री होना अनिवार्य है। इन पाठ्यक्रमों में प्रवेश के लिए आयु सीमा निर्धारित नहीं की गई है।
ऑनलाइन माध्यम से संचालित इन पाठ्यक्रमों में विद्यार्थियों को अनुभवी एवं विषय विशेषज्ञ शिक्षकों द्वारा मार्गदर्शन दिया जाएगा। प्रत्येक व्याख्यान की रिकॉर्डिंग उपलब्ध कराई जाएगी तथा अध्ययन सामग्री विद्यार्थियों तक कूरियर के माध्यम से पहुंचाई जाएगी।
सेमेस्टर प्रणाली के अनुसार परीक्षाएं आयोजित की जाएंगी।
इस पाठ्यक्रम के माध्यम से विद्यार्थियों को प्राकृत भाषा, जैन दर्शन, आगम साहित्य एवं जैन संस्कृति का समग्र अध्ययन कराया जाएगा। साथ ही सभी जैन संप्रदायों के प्रमुख ग्रंथों का समन्वयात्मक अध्ययन भी कराया जाएगा।
प्रवेश के लिए ऑनलाइन रजिस्ट्रेशन प्रक्रिया शुरू हो चुकी है। इच्छुक विद्यार्थी संस्थान द्वारा उपलब्ध कराए गए ऑनलाइन फॉर्म के माध्यम से आवेदन कर सकते हैं। सीटें सीमित होने के कारण विद्यार्थियों से शीघ्र आवेदन करने का आह्वान किया गया है। यह पाठ्यक्रम वर्धमान प्रतिष्ठान, सेनापति बापट रोड, शिवाजीनगर, पुणे से संचालित किया जाएगा।
अधिक जानकारी एवं मार्गदर्शन के लिए प्रो. महेश देसाई (मो. 93071 87665) से संपर्क किया जा सकता है।
ई-मेल : vardhamaneducation15@gmail.com
