भक्तिमय वातावरण में चातुर्मास मंगल प्रवेश समारोह उत्साहपूर्वक संपन्न
श्री वर्धमान स्थानकवासी जैन श्रावक संघ, बार्शी के शताब्दी वर्ष में नव-निर्मित भवन में प्रथम चातुर्मास
महाराष्ट्र जैन वार्ता
बार्शी : श्री वर्धमान स्थानकवासी जैन श्रावक संघ, बार्शी के शताब्दी वर्ष के उपलक्ष्य में नव-निर्मित भवन में आयोजित चातुर्मास मंगल प्रवेश समारोह रविवार को अत्यंत भक्तिमय, अनुशासित एवं उत्साहपूर्ण वातावरण में संपन्न हुआ। प. पू. डॉ. श्री प्रणवदर्शनाजी म. सा., प. पू. श्री इशदर्शनाजी म. सा., प. पू. श्री परमदर्शनाजी म. सा. तथा प. पू. श्री राजुलदर्शनाजी म. सा. आदि थाना ४ के पावन सान्निध्य में आयोजित इस मंगल प्रवेश समारोह में बार्शी सहित राज्य के विभिन्न क्षेत्रों से हजारों श्रद्धालुओं ने उपस्थित होकर धर्मलाभ प्राप्त किया।
प्रवेश जुलूस का शुभारंभ कुंकूळोळ प्लॉट, सुभाष नगर स्थित श्री राजकुमार कांकरिया इनके निवास स्थान से हुआ। इस अवसर पर कांकरिया परिवार की ओर से जुलूस में सम्मिलित सभी गुरु भक्तों, श्रद्धालुओं एवं अतिथियों के लिए अल्पोपहार की व्यवस्था की गई।
शोभायात्रा के अग्रभाग में “अहिंसा परमो धर्मः” का संदेश प्रदर्शित करता आकर्षक ध्वज एवं लोगो फलक था। इसके पश्चात अष्टमंगल कलश, जैन धर्म के ज्ञान का प्रतीक माने जाने वाले ३२ आगम, तथा भगवान श्री महावीर स्वामी की भव्य पालकी श्रद्धालुओं के आकर्षण का केंद्र बनी।
इसके साथ त्रिशला माता और राजा श्रेणिक की वेशभूषा में सजे कलाकार ने उपस्थित श्रद्धालुओं से चातुर्मास का अधिक से अधिक लाभ लेने का भावपूर्ण संदेश दिया।
विशेष आकर्षण के रूप में छोटे बच्चों ने गुरु भगवंतो की वेश भूषा तथा वारकरी संप्रदाय के बालक भी शोभायात्रा में सम्मिलित हुए। उनकी भक्तिमय उपस्थिति एवं सहभागिता से संपूर्ण वातावरण और अधिक श्रद्धामय तथा भक्तिरस से सराबोर हो गया।
वहीं रिक्शा में लगाए गए साउंड सिस्टम एवं माइक्रोफोन के माध्यम से परमपूज्य गुरु महाराजों, भगवान श्री महावीर स्वामी तथा आचार्य भगवंतों के जयघोष निरंतर गूंजते रहे, जिससे संपूर्ण वातावरण धर्ममय हो उठा।
मंगलध्वनि एवं जयघोष के बीच श्रद्धालुओं ने मार्गभर गुरु भगवंतों के दर्शन एवं वंदन का लाभ लिया। महिलाओं, पुरुषों, वरिष्ठ नागरिकों तथा युवक-युवतियों के लिए अलग-अलग व्यवस्था की गई थी।
स्वयंसेवकों के अनुशासित एवं उत्कृष्ट प्रबंधन के कारण संपूर्ण शोभायात्रा अत्यंत सुव्यवस्थित एवं गरिमामय वातावरण में संपन्न हुई। नव-निर्मित भवन में प्रथम बार चातुर्मास का सौभाग्य प्राप्त होने से बार्शी श्रीसंघ के लिए यह ऐतिहासिक एवं गौरवपूर्ण अवसर सिद्ध हुआ।
संपूर्ण परिसर भक्तिमय वातावरण से ओत-प्रोत हो गया। इस समारोह में पुणे (वडगांव शेरी), चाळीसगांव, संगमनेर, अहिल्यानगर, शिरूर (घोडनदी), कळंब, बीड, पारगाव तथा राहाता सहित विभिन्न स्थानों से बड़ी संख्या में जैन समाज के श्रद्धालु उपस्थित रहे।
बाहर से आए श्रद्धालुओं की उत्साहपूर्ण सहभागिता से समारोह को राज्यस्तरीय स्वरूप प्राप्त हुआ। मंगल प्रवेश समारोह के अवसर पर श्री संघ की ओर से उपस्थित सभी गुरु भक्तों, श्रद्धालुओं एवं अतिथियों के लिए भव्य महाप्रसाद की व्यवस्था की गई थी।
हजारों श्रद्धालुओं ने महाप्रसाद ग्रहण कर धर्मलाभ प्राप्त किया। उनकी इस सेवाभावी भावना की उपस्थित श्रद्धालुओं ने सराहना की।
चातुर्मास अवधि में विभिन्न धार्मिक आराधनाएँ, प्रवचन, स्वाध्याय, सामायिक, तपश्चर्या, संस्कारवर्धक कार्यक्रम एवं अन्य धार्मिक आयोजनों का आयोजन किया जाएगा।
इन सभी कार्यक्रमों का अधिक से अधिक लाभ लेने का आह्वान श्री वर्धमान स्थानकवासी जैन श्रावक संघ, बार्शी की ओर से किया गया।
कार्यक्रम की सफलता हेतु श्रीसंघ के त्रुस्ती गन, पदाधिकारी, श्री वर्धमान नवयुवक मंडल, बहु मंडल, श्रावक-श्राविका, बच्चों से लेके बुजुर्ग तक तथा समस्त समाजबंधुओं ने विशेष परिश्रम किया।
उनके उत्कृष्ट नियोजन एवं समर्पण के कारण चातुर्मास मंगल प्रवेश समारोह अत्यंत अनुशासित, भक्तिमय एवं अविस्मरणीय वातावरण में सफलतापूर्वक संपन्न हुआ।

