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जैन विकास महामंडल द्वारा घोषित मराठी जैन विश्वकोश के लिए सरकार संयुक्त रूप से कार्य करेगी : आशीष शेलार

maharashtra jain warta • Maharashtra Jain Warta • November 5, 2026
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मुंबई : महाराष्ट्र सरकार द्वारा जैन समाज के धार्मिक, सामाजिक, शैक्षणिक एवं आर्थिक सशक्तीकरण के उद्देश्य से स्थापित जैन अल्पसंख्यक विकास आर्थिक महामंडल की ओर से 511 लाभार्थियों को ₹ 51 करोड़ के ऋण की मंजूरी एवं वितरण का ऐतिहासिक शुभारंभ किया गया। यह पहल जैन समाज के जरूरतमंद, वंचित एवं अल्प आय वर्ग के लोगों के आर्थिक सशक्तीकरण और विकास के एक नए अध्याय की शुरुआत साबित होगी। यह प्रतिपादन महामंडल के अध्यक्ष (राज्यमंत्री दर्जा) माननीय ललित गांधी ने किया।

मुंबई के घाटकोपर स्थित पुलिस हॉकी ग्राउंड में विशेष रूप से निर्मित भव्य सभामंडप में ललित गांधी की अध्यक्षता में आयोजित इस समारोह में महाराष्ट्र के सांस्कृतिक कार्य मंत्री माननीय आशीष शेलार, कौशल विकास मंत्री माननीय मंगलप्रभात लोढ़ा, विधायक पराग शाह सहित अनेक गणमान्य व्यक्ति उपस्थित थे।

समारोह का एक विशेष आकर्षण जैन समाज के श्वेतांबर, दिगंबर, स्थानकवासी एवं तेरापंथ सहित विभिन्न संप्रदायों के धर्मगुरुओं की एक मंच पर उपस्थिति रही।

राष्ट्रसंत नम्रमुनि, यशोकल्याण विजयजी, मुक्तिनिलय विजयजी, लक्ष्मीसेन भट्टारकश्री, महासती गणिनी आर्यिका रत्न 105 सृष्टिभूषण माताजी तथा आर्यिका 105 विश्वयशमती माताजी सहित अनेक संत-महात्माओं की उपस्थिति ने समारोह को विशेष गरिमा प्रदान की।

जैन समाज की व्यापक एकता और सामूहिक शक्ति का यह दृश्य सभी के लिए अत्यंत सुखद एवं प्रेरणादायी रहा। राष्ट्रसंत नम्रमुनि ने अपने आशीर्वचन में कहा कि आज का दिन जैन समाज के इतिहास में स्वर्णिम अक्षरों में लिखा जाएगा।

महामंडल की इस पहल से समाज के जरूरतमंद लोगों के लिए प्रगति एवं आत्मनिर्भरता के नए द्वार खुलेंगे। कौशल विकास मंत्री मंगलप्रभात लोढ़ा ने कहा कि ललित गांधी के अथक प्रयासों से जैन महामंडल की स्थापना साकार हुई है।

यह जैन समाज के सामाजिक एवं आर्थिक विकास की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। महामंडल के अध्यक्ष ललित गांधी ने महामंडल की स्थापना की पृष्ठभूमि और इसके लिए किए गए दीर्घकालीन प्रयासों की जानकारी दी।

उन्होंने कहा कि वर्षों के प्रयासों के बाद साकार हुआ यह ऐतिहासिक निर्णय न केवल जैन समाज के विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा, बल्कि महाराष्ट्र के समग्र विकास में भी योगदान देगा।

उन्होंने इस अवसर पर घोषणा की कि महामंडल द्वारा जैन धर्म के प्राकृत एवं संस्कृत भाषाओं में उपलब्ध दुर्लभ साहित्य का मराठी में अनुवाद कराया जाएगा।

साथ ही, मराठी जैन साहित्य का एक व्यापक एवं प्रामाणिक ‘जैन विश्वकोश’ तैयार किया जाएगा, जिससे जैन धर्म, दर्शन, इतिहास, साहित्य एवं सांस्कृतिक विरासत का संरक्षण और संवर्धन हो सके।

महाराष्ट्र के सांस्कृतिक कार्य मंत्री आशीष शेलार ने इस घोषणा का स्वागत करते हुए कहा कि मराठी जैन विश्वकोश के निर्माण के लिए राज्य का सूचना प्रौद्योगिकी विभाग एवं सांस्कृतिक कार्य विभाग महामंडल के साथ मिलकर संयुक्त रूप से कार्य करेंगे।

उन्होंने कहा कि महामंडल की ऋण वितरण योजनाओं का शुभारंभ एवं लाभार्थियों को चेक प्रदान करने का अवसर राष्ट्र निर्माण में योगदान देने वाली एक महत्वपूर्ण पहल है।

समारोह में महामंडल के सदस्य रावसाहेब पाटील, दिगंबर समाज के राष्ट्रीय अध्यक्ष जमनालाल हपावत, नयन भेदा, हार्दिक मामनिया, जीतो मुंबई विभाग की महिला अध्यक्ष राखी सोनिग्रा, अमृत गडा, भारत जैन महामंडल के अध्यक्ष ख्यालीलाल तातेड, अवर सचिव आनंदा शेंडगे तथा महामंडल के प्रबंध निदेशक राजकुमार अलकुंटे सहित बड़ी संख्या में समाज के प्रमुख व्यक्ति उपस्थित थे।

इस अवसर पर माननीय मंगलप्रभात लोढ़ा, विधायक पराग शाह, राष्ट्रसंत नम्रमुनि, लक्ष्मीसेन भट्टारकश्री, ललित गांधी एवं रावसाहेब पाटील के हस्ते महामंडल की छह महत्वपूर्ण योजनाओं का डिजिटल माध्यम से शुभारंभ किया गया।

राज्य के विभिन्न 28 जिलों से योजनाओं के लाभार्थी, समाज के प्रतिनिधि, पदाधिकारी एवं बड़ी संख्या में जैन समाज के बंधु-भगिनी समारोह में शामिल हुए।

जैन महासंघ के राष्ट्रीय महामंत्री संदीप भंडारी ने कार्यक्रम का संचालन किया, जबकि रावसाहेब पाटील ने आभार व्यक्त किया।