महासाध्वी प. पु. सुकिर्तीजी एवं प. पु. सुनीतीजी म. सा. के चातुर्मास की घोषणा
महाराष्ट्र जैन वार्ता
पुणे : आकुर्डी–निगडी–प्राधिकरण श्री संघ को वर्ष 2026 के चातुर्मास का सौभाग्य प्राप्त हुआ है। महासाध्वी प. पु. सुकिर्तीश्रीजी म. सा. एवं साध्वी प. पु. सुनीतीश्रीजी म. सा. आदि ठाणा-2 का आगामी चातुर्मास आकुर्डी श्री संघ को घोषित किया गया है।
श्रमण संघीय आचार्य डॉ. शिवमुनीजी म. सा., उत्तर भारतीय प्रवर्तक प. पु. सुमनमुनीजी म. सा. तथा गुरुवर्या उत्तर भारतीय प्रवर्तिनी प. पु. सरिताश्रीजी म. सा. की आज्ञावर्ती एवं संथारा साधिका उप प्रवर्तिनी गुरुणी प. पु. मीनाजी म. सा. की सुशिष्याएं महासाध्वी प. पु. सुकिर्तीश्रीजी म. सा. एवं साध्वी प. पु. सुनीतीश्रीजी म. सा. आदि ठाणा-2 का वर्ष 2026 का चातुर्मास आकुर्डी-निगडी-प्राधिकरण श्री संघ को प्राप्त हुआ है।
पावन दर्शन एवं मंगलमय आशीर्वाद प्राप्त करने हेतु आकुर्डी-निगडी-प्राधिकरण जैन श्रावक संघ के प्रतिनिधि मंडल ने मुंबई पहुंचकर महासाध्वी वृंद के चरणों में वंदन किया। इस अवसर पर संघ के निवर्तमान अध्यक्ष सुभाष ललवाणी, अध्यक्ष विजय गांधी, कोषाध्यक्ष नेनसुख मांडोत, महामंत्री पुनम कर्नावट, विश्वस्त ज्योति खिंवसरा एवं विश्वस्त सचिन गांधी उपस्थित रहे।
विश्वस्त मंडल के सदस्यों ने महासाध्वी जी के चरणों में वर्ष 2026 के चातुर्मास हेतु विनती प्रस्तुत की। महासाध्वी वृंद ने आचार्य श्री, युवाचार्य श्री, महाराष्ट्र प्रवर्तक श्री एवं उत्तर भारतीय प्रवर्तिनी श्री की आज्ञा प्राप्त होते ही औपचारिक रूप से चातुर्मास की घोषणा करने की बात कही।
इस अवसर पर महाराष्ट्र प्रवर्तक प. पु. कुंदनऋषिजी म. सा. ने अपना आज्ञापत्र संघ के निवर्तमान अध्यक्ष सुभाष ललवाणी को सौंपा। संघ के सभी पदाधिकारियों एवं श्रद्धालुओं ने इस शुभ घोषणा पर हर्ष व्यक्त करते हुए इसे आकुर्डी श्री संघ के लिए अत्यंत गौरवपूर्ण एवं पुण्य अवसर बताया।
















