माता-पिता की सेवा करने से सर्व सुखप्राप्ती : पं. राजरक्षितविजयजी
महाराष्ट्र जैन वार्ता : अभिजित डुंगरवाल पुणे : माता-पिता की ईश्वर के समान सेवा करने से आयु-विद्या-यश एवं बल की वृद्धि होती है ऐसा प्रतिपादन पं. राजरक्षितविजयजी ने किया। उन्होने कहा पारसमणि के सत्संग से लोहा सोना बन जाता है। उसी प्रकार संत के सत्संग से पापी भी परमात्मा बन जाता है। सत्संग जीवन विकास … Read more