तीन पीढ़ियों की सहभागिता : खेल और सामाजिक एकता का सशक्त प्रदर्शन
महाराष्ट्र जैन वार्ता
पुणे : राजस्थान के पाली ज़िले का सादडी गांव, जो राणकपुर जैन मंदिर के लिए विश्वविख्यात है, वहां से लगभग डेढ़ सौ वर्ष पूर्व पुणे में आकर बसे करीब 500 परिवार आज एक संगठित और सुदृढ़ सादडी समुदाय के रूप में अपनी विशिष्ट पहचान बनाए हुए हैं। अपनी सांस्कृतिक परंपराओं, सामाजिक एकजुटता और सभी आयु वर्ग की सक्रिय सहभागिता को जीवंत रखने वाला यह समुदाय विभिन्न उपक्रमों के माध्यम से सामाजिक समरसता को सशक्त कर रहा है।
इसी परंपरा को आगे बढ़ाते हुए सादडी समुदाय की ओर से 4, 10 एवं 11 जनवरी 2026 को पुणे के गंगाधाम स्थित डाउनटाउन परिसर में आयोजित वार्षिक सादडी क्रीडा महोत्सव 2026 अत्यंत उत्साह और सफल आयोजन के साथ संपन्न हुआ।
इस तीन दिवसीय क्रीडा महोत्सव में पुणे एवं पिंपरी-चिंचवड़ क्षेत्र से 3 वर्ष से 70 वर्ष तक के आयु वर्ग के लगभग 1500 महिला एवं पुरुष खिलाड़ियों ने सहभाग लिया। खेल प्रतिभा को प्रोत्साहन देने के उद्देश्य से आयोजित इस महोत्सव में कुल 950 से अधिक स्पर्धाओं का पंजीकरण हुआ।
क्रिकेट, बैडमिंटन, फुटबॉल, लिंगोरचा, वरिष्ठ नागरिकों के लिए कैरम, फ्रिस्बी तथा छोटे बच्चों के लिए ट्रैक स्पर्धाओं सहित विविध खेलों का आयोजन किया गया। सभी आयु वर्ग के खिलाड़ियों की उत्साहपूर्ण भागीदारी के कारण पूरे आयोजन में ऊर्जा और खेल भावना का वातावरण बना रहा।
सभी खिलाड़ियों को चार हाउसों में विभाजित किया गया था। विभिन्न खेलों में सर्वाधिक अंक अर्जित करने वाले विजयी हाउस को ‘हाउस ट्रॉफी’ प्रदान कर सम्मानित किया गया। युवाओं को विशेष रूप से एक मंच पर लाना, स्वास्थ्य के प्रति जागरूकता बढ़ाना और सामाजिक समरसता को मजबूत करना इन उद्देश्यों के साथ पिछले 30 वर्षों से इस क्रीडा महोत्सव का नियमित आयोजन किया जा रहा है।
हर वर्ष पुणे में निवासरत लगभग 500 सादडी परिवारों के करीब 1500 नागरिक इस महोत्सव में सक्रिय सहभाग लेते हैं, जो सादडी समुदाय की एकता, अनुशासन और सामाजिक प्रतिबद्धता का सशक्त उदाहरण है।
















