रामायण आर्यावर्त के सभी धर्मों में सर्वाधिक पूजनीय – पं. राजरक्षितविजयजी
महाराष्ट्र जैन वार्ता मुंबई : श्री आदिनाथ चौमुख जिनालय, स्वप्न नगरी जैन संघ, मुलुंड (वे.) में पं. राजरक्षितविजयजी ने प्रवचन देते हुए कहा कि रामायण केवल एक ग्रंथ नहीं, बल्कि जीवन को सही दिशा देने वाला पथप्रदर्शक है। उन्होंने बताया कि कलिकाल सर्वज्ञ आचार्य हेमचंद्रसूरिजी महाराज ने ‘त्रिषष्ठी शलाका पुरुष’ ग्रंथ में रामायण का विस्तार … Read more