वर्धमान प्रतिष्ठान, शिवाजीनगर में प. पू. साध्वीवृंद का चातुर्मास प्रवेश
भव्य शोभायात्रा के साथ हुआ स्वागत महाराष्ट्र जैन वार्ता पुणे : जैन धर्म की परंपरा अनुसार चातुर्मास एक अत्यंत महत्वपूर्ण साधना काल होता है, जिसमें साधु-साध्वियाँ एक ही स्थान पर रहकर आत्मशुद्धि, आगम वाचन और धर्म प्रचार करते हैं। इसी पावन परंपरा को आगे बढ़ाते हुए कर्नाटक केसरी प. पू. गणेशलालजी म. सा., महाराष्ट्र प्रवर्तिनी … Read more