कोंढवा में ऑपरेशन ‘ सिंदूर’ शिविर : 3500+ युवाओं की भागीदारी
महाराष्ट्र जैन वार्ता
पुणे : नंदुभवन, कोंढवा में आयोजित एल.टी.एस. शिविर ‘ऑपरेशन सिंदूर’ में देशभर से 3500 से अधिक युवाओं ने भाग लिया। पं. राजरक्षितविजयजी और पं. नयरक्षितविजयजी ने युवाओं को आत्मसुरक्षा, संयम और राष्ट्रधर्म के प्रति जागरूक किया।
एल.टी.एस. शिविर ‘ऑपरेशन सिंदूर’ का आयोजन पंन्यास राजरक्षितविजयजी और पं. नयरक्षितविजयजी के सान्निध्य में हुआ, जिसमें मुंबई, सूरत, कोल्हापुर, पुणे सहित कई शहरों से हजारों युवा उपस्थित थे। शिविर का शुभारंभ मोहन जीरावला परिवार द्वारा ज्ञानदीप प्रज्वलित कर किया गया।
पं. राजरक्षितविजयजी ने पुणे में अपने तीसरे चातुर्मास की जानकारी देते हुए कहा, “जैन समाज का सहयोग दिल को छू लेने वाला है। हजारों युवाओं की उपस्थिति देश और धर्म के लिए शुभ संकेत है।”
मुख्य वक्ता प. नयरक्षितविजयजी ने कहा, “बाहरी आतंकी कम हमला करते हैं, पर आंतरिक पाप – काम, क्रोध, अहंकार – बार-बार हमला करते हैं।
जब तक पापों से दूरी नहीं, तब तक आत्मिक समृद्धि नहीं। ‘सिंदूर’ का अर्थ है – पापों से दूर रहना। यही हमारी जिम्मेदारी है।” शिविर में युवाओं का जोश, समर्पण और राष्ट्र-धर्म के लिए भावना प्रेरणादायक रही। हजारों युवाओं का एकत्र आकर आत्मविकास का संकल्प लेना, एक सकारात्मक परिवर्तन की प्रतीक भावना थी।
