संवसरी महापर्व पर आदिनाथ संघ का विशेष उपक्रम
महाराष्ट्र जैन वार्ता
पुणे : उपाध्याय प्रवर श्री प्रवीणऋषिजी म.सा. (आदि ठाणा-2), दक्षिणज्योति प. पू. श्री आदर्शज्योतिजी म. सा. (आदि ठाणा-3) तथा जिनशासन गौरव प. पू. श्री सुनंदाजी म. सा. (आदि ठाणा-6) सहित समस्त संतवृंद के पावन सान्निध्य एवं मंगल आशीर्वाद में परिवर्तन चातुर्मास 2025 के अंतर्गत संवसरी महापर्व पर आदिनाथ संघ द्वारा पाँच नवकार कळस की पावन स्थापना की गई।
संवसरी महापर्व के प्रथम दिन से ही हजारों श्रद्धालु इन कळसों पर नवकार महामंत्र का अखंड जप कर रहे हैं। यह जप महापर्व के अंतिम दिन तक निरंतर चलता रहेगा। नवकार महामंत्र के इस अखंड जप से कळस अत्यंत पवित्र और ऊर्जावान बन चुके हैं तथा पुणे नगरी में दिव्य आध्यात्मिक वातावरण का संचार कर रहे हैं।
इन कळसों के साथ विशेष चांदी के कॉइन भी स्थापित किए गए हैं। प्रत्येक श्रद्धालु मात्र ₹ 6300 में यह पावन कॉइन प्राप्त कर सकता है। कॉइन ग्रहण करने वाले श्रद्धालुओं के बीच लकी ड्रॉ का आयोजन होगा, जिसमें यह नवकार कळस एक सौभाग्यशाली दानदाता को प्रदान किया जाएगा। इस अनूठे उपक्रम से श्रद्धालुओं में उत्साह और पुण्य अर्जन की भावना प्रबल हुई है।
“संवसरी महापर्व के पावन अवसर पर नवकार महामंत्र का अखंड जप और नवकार कळस की स्थापना पुणे नगरी के लिए अभूतपूर्व सौभाग्य है। यह दिव्य उपक्रम समाज में सकारात्मक ऊर्जा और आध्यात्मिक जागरण का नया अध्याय रच रहा है।” – राजश्री पारख, अध्यक्ष, स्वागत समिति















