ज्ञान, धर्म और प्रतियोगिता का अनूठा संगम : विजेता को मिला ₹ 1,00,000 का इनाम
महाराष्ट्र जैन वार्ता
पुणे : प. पू. प्रवीणऋषिजी म.सा. के सान्निध्य में वर्धमान प्रतिष्ठान में एक अनोखी और प्रेरणादायी स्पर्धा “कौन बनेगा कर्म विजेता” का सफल आयोजन किया गया।
यह प्रतियोगिता लोकप्रिय टीवी शो “कौन बनेगा करोड़पति” की तर्ज पर रखी गई थी, जिसमें प्रवचन और “कर्म सिलेबस” के आधार पर प्रश्न पूछे गए। प्रतियोगिता का उद्देश्य समाज में आध्यात्मिक ज्ञान का प्रसार और युवाओं को धर्म के साथ जोड़ना था।
कार्यक्रम में लगभग 200 प्रतिभागियों ने ऑनलाइन भाग लिया। “फास्टेस्ट फिंगर फर्स्ट” से लेकर प्रश्नोत्तर के सभी राउंड्स को उसी थीम पर प्रस्तुत किया गया। प्रतियोगिता में विजेता बनी 14 वर्षीय साची धाडीवाल, जिन्हें साईं दीप ग्रुप के नीलेश चोपड़ा की ओर से ₹ 1,00,000 का नगद पुरस्कार प्रदान किया गया।
इस विशेष आयोजन का प्रबंधन सीक्रेट ऑफ कर्मा ग्रुप की देखरेख में किया गया। संपूर्ण व्यवस्था विनीत कोठारी, वर्षा जैन, सुरुचि मुनोत, स्नेहा लूनिया और सिद्धि भटेवरा ने मिलकर की। कार्यक्रम में लगभग 500 परीक्षित बड़ी संख्या में उपस्थित रहे।
कार्यक्रम के मुख्य अतिथि सुहाना मसाला के प्रमुख राजकुमार चोरड़िया, आदिनाथ जैन संघ के अध्यक्ष अनिल नाहर, प्रसिद्ध उद्योगपति सुनील पारख, कमल राका और दिलीप बोरा रहे, जिनकी उपस्थिति ने कार्यक्रम की शोभा बढ़ाई।
“कर्म के ज्ञान को प्रतियोगिता के माध्यम से प्रस्तुत करने का यह प्रयास वास्तव में अद्वितीय है। समाज में इस प्रकार की पहल युवाओं को धर्म और संस्कृति से जोड़ने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है।” – राजकुमार चोरडिया, सुहाना मसाला प्रमुख
“हमारा उद्देश्य था कि धर्म को नई पीढ़ी तक एक रोचक तरीके से पहुँचाया जाए। ‘कौन बनेगा कर्म विजेता’ जैसी प्रतियोगिता से बच्चों और युवाओं में सीखने की प्रेरणा जागृत होती है।” – सुरुचि मुनोत, आयोजक मंडल















