महाराष्ट्र जैन वार्ता
पुणे : दीपावली जैसे पावन और सांस्कृतिक पर्व के अवसर पर आचार्य श्री विजय वल्लभ विद्यालय में आज एक सुंदर और सृजनात्मक गतिविधि ‘दिया डेकोरेशन’ का आयोजन किया गया।
इस विशेष कार्यक्रम में विद्यालय के छोटे विद्यार्थियों ने उत्साहपूर्वक भाग लेते हुए अपने हाथों से पारंपरिक दीये और पंती रंग-बिरंगे रंगों, चमकदार सजावट सामग्री और आकर्षक कलाकारी से सजाए।
इस गतिविधि के माध्यम से बच्चों ने न केवल अपनी सृजनात्मक प्रतिभा का प्रदर्शन किया, बल्कि दीपावली पर्व के सांस्कृतिक, आध्यात्मिक और नैतिक महत्त्व को भी समझा। दीप प्रज्वलन केवल एक परंपरा नहीं, बल्कि यह अंधकार पर प्रकाश की विजय, अज्ञान पर ज्ञान का प्रतीक और सकारात्मक ऊर्जा के प्रसार का संदेश माना जाता है। इस उपक्रम ने विद्यार्थियों में भारतीय संस्कृति के प्रति गर्व और जुड़ाव की भावना को भी जागृत किया।
कार्यक्रम में सभी विद्यार्थियों ने आनंद और उमंग के साथ सहभागिता की। विद्यालय की मुख्याध्यापिका सौ. भाविका राठौड़ और कार्यालय अधीक्षक श्री. कल्पेश दरजी के मार्गदर्शन में संपूर्ण गतिविधि अत्यंत सफलतापूर्वक संपन्न हुई। शिक्षकवर्ग ने भी विद्यार्थियों को उचित मार्गदर्शन देकर उनकी कलात्मकता को नई दिशा दी और इस दिन को और भी उज्ज्वल बना दिया।
ऐसे उपक्रमों के माध्यम से न केवल विद्यार्थियों में सृजनशीलता और आत्मविश्वास का विकास होता है, बल्कि हमारी सांस्कृतिक विरासत का तेज नई पीढ़ी तक पहुँचता है। भारतीय परंपराओं के प्रति आदर, जुड़ाव और गौरव की भावना निर्माण करना ही इस गतिविधि का मुख्य उद्देश्य था।















