सही दस्तावेज़, विकास की समझ और संयम से तय होता है रिटर्न : संतोष जैन, संतोष ग्रुप की प्रतिक्रिया
महाराष्ट्र जैन वार्ता
पुणे : जमीन में निवेश करना जीवन के सबसे महत्वपूर्ण निर्णयों में से एक माना जाता है, क्योंकि यह केवल आर्थिक नहीं बल्कि कई लोगों के लिए भावनात्मक विषय भी होता है। आम धारणा है कि जमीन का मूल्य कभी घटता नहीं और यह सोने-चांदी से भी बेहतर रिटर्न देने की क्षमता रखती है। हालांकि, संतोष ग्रुप एवं संतोष स्टील्स के डायरेक्टर संतोष जैन का मानना है कि जमीन में वास्तविक लाभ तभी संभव है, जब निवेश सही दस्तावेज़ों, भविष्य की स्पष्ट दृष्टि और लंबे धैर्य के साथ किया जाए।
उन्होंने बताया कि जमीन के सौदे में की गई छोटी सी लापरवाही, अनावश्यक जल्दबाजी या लालच जीवन भर की कमाई को जोखिम में डाल सकता है। इसलिए जमीन खरीदते समय हर पहलू का गहराई से अध्ययन आवश्यक है।
केवल लोकेशन नहीं, कानूनी सुरक्षा भी जरूरी संतोष जैन के अनुसार, जमीन में निवेश से मुनाफा कमाने के लिए केवल अच्छी लोकेशन पर्याप्त नहीं होती। सबसे बड़ा जोखिम कानूनी दस्तावेज़ों से जुड़ा होता है।
कई बार लोग सस्ती कीमत देखकर बिना जांच-पड़ताल के जमीन खरीद लेते हैं, लेकिन यह समझना जरूरी है कि वह जमीन सस्ती क्यों मिल रही है। अक्सर कम कीमत के पीछे उत्तराधिकार विवाद, सरकारी आरक्षण, अधिग्रहण की आशंका या पुराने रिकॉर्ड में विसंगतियां छिपी होती हैं।
इसलिए सौदे को अंतिम रूप देने और टोकन राशि देने से पहले कम से कम 30 वर्षों की टाइटल सर्च रिपोर्ट निकलवाना अनिवार्य है। क्लियर टाइटल को किसी भी निवेश की पहली शर्त माना जाना चाहिए।
विकास के शुरुआती चरण में निवेश से बेहतर रिटर्न उन्होंने कहा कि जहां जमीन की कीमतें पहले ही काफी बढ़ चुकी होती हैं, वहां निवेश से अपेक्षाकृत कम रिटर्न मिलता है। इसके विपरीत, यदि विकास के शुरुआती चरण में जमीन खरीदी जाए और 10 से 15 वर्षों तक धैर्य रखा जाए, तो अच्छा मुनाफा संभव होता है।
उम्मीद से नहीं, समझदारी से निवेश करें –
संतोष जैन ने आगाह किया कि केवल सस्ती होने के कारण कृषि भूमि खरीदना जोखिम भरा हो सकता है, क्योंकि उसे गैर-कृषि (एनए) में परिवर्तित करना कई बार कठिन या अनिश्चित होता है। भविष्य में कन्वर्जन हो जाएगा, इस उम्मीद पर निवेश करना एक प्रकार का जुआ साबित हो सकता है। उन्होंने कहा कि शहरों का विस्तार लगातार हो रहा है और नए प्रोजेक्ट सामने आते रहते हैं। ऐसे में शहर के बाहरी इलाके में हाईवे के पास एनए प्लॉट में किया गया निवेश मात्र 5 वर्षों में भी अच्छा रिटर्न दे सकता है। संतोष जैन ने स्पष्ट किया कि जमीन से कितना लाभ होगा, यह बिक्री के दिन नहीं बल्कि खरीद के दिन ही तय हो जाता है। सही दस्तावेज़, भविष्य के विकास की समझ और धैर्य-ये तीन गुण हों, तभी जमीन निवेशक को समृद्ध बना सकती है। – संतोष जैन, डायरेक्टर, संतोष ग्रुप और संतोष स्टील्स
डेवलपमेंट प्लान का अध्ययन करना है जरूरी –
> निवेश करते समय कम से कम 10 से 15 वर्षों के भविष्य को ध्यान में रखना चाहिए।
> जिस क्षेत्र में जमीन खरीदी जा रही है, वहां आने वाले समय में उस इलाके का स्वरूप कैसा होगा, इसका अध्ययन जरूरी है।
> यदि उस क्षेत्र में नई सड़क, हाईवे, मेट्रो परियोजना या इंडस्ट्रियल कॉरिडोर प्रस्तावित हो, तो वहां निवेश करना लाभदायक साबित हो सकता है।
> बड़े बुनियादी ढांचा प्रोजेक्ट जमीन की कीमतों में तेजी से वृद्धि करते हैं। इसी कारण समझदार निवेशक हमेशा शहर के डेवलपमेंट प्लान का गहन अध्ययन करके ही निर्णय लेते हैं।


















