पत्थर गढ़ जाए तो मूर्ति बन जाता है, पात्र को अच्छा गुरु मिल जाए तो जीवन विकसित हो जाता है – पं. राजरक्षितविजयजी
महाराष्ट्र न्युज नेटवर्क : अभिजित डुंगरवाल पुणे : श्री राजस्थानी जैन श्वे.मु.संघ इचलकरंजी में पहली बार वर्षीतप का आयोजन हुआ। जिसमें 118 भाई-बहन शामिल हुए। 425 दिन की तपस्या में 225 उपवास और 200 बियासणा किये गये। श्रीसंध की ओर से प्रातःकालीन बियासणा की सुन्दर भक्ति हुई। तपस्वियों को शत्रुंजय तीर्थ, हस्तिनापुर तीर्थ, शंखेश्वर तीर्थ … Read more