प्रसन्नता से भावपूर्ण जीवन जिएं : प. पू. प्रवीणऋषिजी म. सा.
महाराष्ट्र जैन वार्ता पुणे : जो भी कार्य करें, उसमें प्रसन्नता अवश्य होनी चाहिए। प्रसन्नता के साथ किया गया कोई भी कार्य आनंद और संतोष प्रदान करने वाला होता है। प्रसन्न वृत्ति के साथ भावपूर्ण जीवन जीना हमें सीखना चाहिए, ऐसा प्रतिपादन प. पू. प्रवीणऋषिजी म. सा. ने किया। परिवर्तन चातुर्मास 2025 के अवसर पर … Read more