क्षमापना में परम आनंद की अनुभूति : प. पू. प्रवीणऋषिजी म. सा.
महाराष्ट्र जैन वार्ता पुणे : क्षमापना में परम आनंद की अनुभूति होती है। परम आनंद तभी मिलता है जब वहाँ शक्ति का जागरण होता है, ऐसा प्रतिपादन प. पू. प्रवीणऋषिजी म. सा. ने किया। प. पू. प्रवीणऋषिजी म. सा. ने कहा कि जब हम अपराध-भावना से क्षमा माँगते हैं तो मन को हल्कापन मिलता है, … Read more