आवृत्ती , पुणे
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बेजुबान पशु-पक्षियों के प्रति दया ही इंसान की सच्ची इंसानियत है – मुनि अतुलकुमारजी

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केलवा : शासन मुनि श्री रविंद्रकुमारजी एवं मुनि श्री अतुलकुमारजी का चातुर्मासिक मंगल विहार केलवा से खटामला होते हुए बिनोल में रोशन बाफना के फार्म हाउस पर संपन्न हुआ। इस दौरान मार्ग में मुनिद्वय ने श्री नवल श्याम कृष्ण गौशाला धोली मंगरी का अवलोकन किया।

तेरापंथ समाज की ओर से आयोजित संक्षिप्त कार्यक्रम में मुनि श्री अतुलकुमारजी ने अपने प्रवचन में कहा कि बेजुबान पशु-पक्षियों के प्रति दया ही सच्ची इंसानियत का प्रतीक है। उन्होंने कहा कि पशु-पक्षियों में भी इंसानों के समान भावनाएं होती हैं।

अंतर केवल इतना है कि वे अपनी भावनाएं व्यक्त नहीं कर सकते। मुनि श्री ने कहा कि हमें पशुओं के अधिकार, उनके कल्याण और उनकी सुरक्षा का ध्यान कानून के अनुसार रखना चाहिए। पशु भी अनुभवशील मन और भावनाओं से युक्त होते हैं, जो उन्हें इंसानों की तरह दुख, प्यार, खुशी, भय, भूख, प्यास, दर्द और आक्रोश अनुभव करने की क्षमता प्रदान करती हैं।

उन्होंने बताया कि बेजुबान पशु-पक्षियों को सताना नहीं चाहिए। मुनि श्री ने विशेष रूप से गायों के महत्व को रेखांकित करते हुए कहा गाय, जिसे लोक व्यवहार में माता की उपमा दी गई है, हमारी सेवा करती है। अगर किसी कारणवश गाय दूध नहीं देती तो भी हमें उसकी देखभाल करनी चाहिए और उसे अपने परिवार का सदस्य मानना चाहिए।

कुत्ता अपने मालिक के प्रति वफादारी दिखाने के लिए अपनी जान तक दांव पर लगा देता है। यह हमें पशुओं के साथ अच्छा व्यवहार करने की प्रेरणा देता है। दुर्भाग्यवश हमारे देश में पशुओं के प्रति अक्सर अच्छा व्यवहार नहीं किया जाता।

लोग कुत्तों और बिल्लियों को मारने में आनंद अनुभव करते हैं, गायों को अच्छी तरह नहीं खिलाते और बैलों व घोड़ों को अत्यधिक कार्य करने के लिए मजबूर करते हैं। हमें यह समझना चाहिए कि जिस ईश्वर ने हमें बनाया है, उसी ने पशुओं को भी बनाया है। वे भी सुख-दुख का अनुभव करते हैं, लेकिन विरोध नहीं कर सकते।

इसलिए उनके साथ निर्दयता करना मानवता के विरुद्ध है। इस अवसर पर भामाशाह तनसुख बोहरा, गौशाला पूर्व अध्यक्ष नरेंद्र बोहरा, वर्तमान अध्यक्ष रामनारायण पालीवाल, सचिव पुष्कांत बडग़ुर्जर, व्यवस्थापक पोपटलाल माली, महेंद्र कोठारी, नरेंद्र कोठारी, प्रकाश बोहरा, राजेंद्र कोठारी, दीपक कोठारी, विनोद कोठारी, मुकेश कोठारी, भावेश मेहता, निर्मल नाहर, राहुल मादरेचा, नीरू कोठारी, रत्ना कोठारी, भावना बोहरा सहित बड़ी संख्या में लोग उपस्थित थे।