जीवन समृद्धि के लिए ज्ञान का मार्ग खोलें : प. पू. प्रवीणऋषिजी म. सा.
महाराष्ट्र जैन वार्ता पुणे : संवाद आपको देवत्व की ओर ले जा सकता है, जबकि वाद-विवाद आपको दानव भी बना सकता है। संवाद के माध्यम से भक्ति का संबंध जुड़ता है, जबकि वाद-विवाद से विरोध और तिरस्कार का रिश्ता बनता है। इसलिए, स्वयं को पहचानकर अपने भीतर मौजूद अज्ञान को स्वीकार करते हुए हमें स्वयं … Read more